भगवान् ऋषभदेव जी के अवतार की कहानी
“निरन्तर सांसारिक विषय-भोगों की अभिलाषा करने के कारण अपने वास्तविक श्रेय से चिरकाल तक बेसुध हुई जीवात्माओं को जिन्होंने करूणावश निर्भय आत्मलोक का उपदेश दिया और जो स्वयं निरन्तर अनुभव होने वाले आत्मस्वरूप् की प्राप्ति से सब प्रकार की तृष्णाओं …