अंगूठा कट जाने बाद भी एकलव्य ने धनुष-बाण चलाने की नयी विद्या का आविष्कार कर डाला

एकलव्य

अजीब संयोग था वह सब, न पांडव राजकुमारों का वह कुत्ता ईश वंदना में तल्लीन एकलव्य का ध्यान भंग करने के लिए उनके पास पहुंचता, न ही उनकी प्रार्थना में विध्न पहुंचता, न ही एकलव्य उस कुत्ते को भौंकने से …

Read moreअंगूठा कट जाने बाद भी एकलव्य ने धनुष-बाण चलाने की नयी विद्या का आविष्कार कर डाला

पाण्डवों के लाक्षागृह से सकुशल भाग निकलने की कथा

पाण्डवों के लाक्षागृह से सकुशल भाग निकलने की कथा

पाँचों पांडव जब अपनी माँ के साथ वारणावत पहुंचे तो पाण्डवों के शुभागमन का समाचार सुनकर वारणावत के नागरिक शास्त्र-विधि के अनुसार मंगलमयी वस्तुओं की भेंट लेकर प्रसन्नता और उत्साह के साथ सवारियों पर चढ़कर उनकी अगवानी के लिये, उनके …

Read moreपाण्डवों के लाक्षागृह से सकुशल भाग निकलने की कथा

दुर्योधन ने कुटिलता पूर्वक पांडवों को वारणावत भेजने की योजना बनाई और धृतराष्ट्र के साथ मिल कर उन्हें भेज दिया

Cunning fellow Duryodhana made a plan to send the Pandavas to Varnavat

कुरुवंश के राजकुमार, कौरव और पाण्डव अब बड़े हो रहे थे | दुर्योधन ने जब देखा कि युधिष्ठिर के छोटे भाई भीमसेन की शक्ति असीम है और अर्जुन का अस्त्र-ज्ञान तथा अभ्यास विलक्षण है तो उसका कलेजा जलने लगा । …

Read moreदुर्योधन ने कुटिलता पूर्वक पांडवों को वारणावत भेजने की योजना बनाई और धृतराष्ट्र के साथ मिल कर उन्हें भेज दिया

जब पाण्डवों को विवश हो कर वारणावत की यात्रा के लिए निकलना पड़ा तो विदुर ने सांकेतिक और गुप्त भाषा में उन्हें खतरे से आगाह क्या

vidhura

दुर्योधन की कुटिल चालों के अनुसार जब धृतराष्ट्र ने पाण्डवों को वारणावत जाने की आज्ञा दे दी, तब दुरात्मा दुर्योधन को बड़ी प्रसन्नता हुई उसने अपने मन्त्री पुरोचन को एकान्त में बुलाया और उसका दाहिना हाथ पकड़कर कहा, “भाई पुरोचन …

Read moreजब पाण्डवों को विवश हो कर वारणावत की यात्रा के लिए निकलना पड़ा तो विदुर ने सांकेतिक और गुप्त भाषा में उन्हें खतरे से आगाह क्या

व्यासजी द्वारा पांडवों को द्रौपदी के पूर्वजन्म के बारे में बताना

Draupadi

परीक्षित नंदन जन्मेजय को महाभारत की कथा सुनते हुए वैशम्पायन जी कहते हैं-जनमेजय ! द्रौपदी के जन्म की कथा और उसके स्वयंवर का समाचार सुनकर पाण्डवों का मन उसे देखने के लिए बेचैन हो गया । उनकी व्याकुलता और द्रौपदी …

Read moreव्यासजी द्वारा पांडवों को द्रौपदी के पूर्वजन्म के बारे में बताना

कर्ण वध के पश्चात्, दुर्योधन का पाण्डव सेना में अपना पराक्रम दिखाना, अपनी भागती हुई सेना को प्रेरित करते हुए एकत्रित करने का असफल प्रयास करना और अंत में घोर विलाप करना

Duryodhana

कर्ण वध के पश्चात्, युद्ध स्थल का आँखों देखा हाल बताते हुए संजय धृतराष्ट्र से कहते हैं-महाराज ! उस समय कौरव-सैनिक भीमसेन के भय से व्याकुल होकर भाग रहे थे । उनकी यह अवस्था देख दुर्योधन हाहाकार करके उठा और …

Read moreकर्ण वध के पश्चात्, दुर्योधन का पाण्डव सेना में अपना पराक्रम दिखाना, अपनी भागती हुई सेना को प्रेरित करते हुए एकत्रित करने का असफल प्रयास करना और अंत में घोर विलाप करना

महाभारत युद्ध के अंतिम दिन, भीम से परास्त हो कर दुर्योधन मृत्यु के कगार पर पहुँच गया, उसे अत्यंत दीन अवस्था में देखकर अश्वत्थामा ने पांचालों के वध की शपथ ली और कृपाचार्य ने उसका सेनापति के पद पर अभिषेक किया

महाभारत युद्ध के अंतिम दिन, भीम से परास्त हो कर दुर्योधन मृत्यु के कगार पर पहुँच गया

महाभारत युद्ध के अंतिम दिन जब भीम ने दुर्योधन को गदा युद्ध में परास्त करके उसका मान-मर्दन करते हुए उसे अधमरा कर दिया तो दुर्योधन के पिता धृतराष्ट्र अत्यंत बेचैन हो गए | उन्होंने संजय से पूछा “संजय ! मेरा …

Read moreमहाभारत युद्ध के अंतिम दिन, भीम से परास्त हो कर दुर्योधन मृत्यु के कगार पर पहुँच गया, उसे अत्यंत दीन अवस्था में देखकर अश्वत्थामा ने पांचालों के वध की शपथ ली और कृपाचार्य ने उसका सेनापति के पद पर अभिषेक किया

हिडिम्बा कौन थी, उस परम सुन्दरी राक्षसी का विवाह भीमसेन से कैसे हुआ, उन दोनों का पुत्र घटोत्कच क्या परम बलिशाली तथा मायावी था

हिडिम्बासुर का वध करने के बाद भी, उसकी बहन हिडिम्बा राक्षसी को पीछे आते देखकर भीमसेन ने कहा, “हिडिम्बे ! मैं जानता हूँ कि राक्षस मोहिनी माया के सहारे पहले वैर का बदला लेते हैं । इसलिये जा, तू भी …

Read moreहिडिम्बा कौन थी, उस परम सुन्दरी राक्षसी का विवाह भीमसेन से कैसे हुआ, उन दोनों का पुत्र घटोत्कच क्या परम बलिशाली तथा मायावी था

हिडिम्बासुर कौन था, क्या वो बलवान राक्षस पाण्डवों को खाने आया था, और भीमसेन ने उसका वध किस प्रकार किया

हिडिम्बासुर कौन था, क्या वो बलवान राक्षस पाण्डवों को खाने आया था

अपने वन गमन के दौरान जिस वन में युधिष्ठिर आदि सो रहे थे, उससे थोड़ी ही दूर पर एक शाल-वृक्ष था । उस पर हिडिम्बासुर बैठा हुआ था । वह बड़ा क्रूर, पराक्रमी एवं मांसभक्षी था । उसके शरीर का …

Read moreहिडिम्बासुर कौन था, क्या वो बलवान राक्षस पाण्डवों को खाने आया था, और भीमसेन ने उसका वध किस प्रकार किया

महाभारत में कर्ण वध के पश्चात् पूरे कौरव पक्ष में मरघट का सन्नाटा छा गया

कर्ण वध के पश्चात् पूरे कौरव पक्ष में मरघट का सन्नाटा छा गया

महाभारत में अर्जुन द्वारा अविश्वसनीय पराक्रम दिखते हुए, कर्ण का वध हो जाने के पश्चात् कौरव पक्ष में मरघट सा सन्नाटा था । समस्त कौरव सूतपुत्र के वध से दुःखी थे, अतः ‘हा कर्ण! हा कर्ण!!’ पुकारते हुए बड़ी तेजी …

Read moreमहाभारत में कर्ण वध के पश्चात् पूरे कौरव पक्ष में मरघट का सन्नाटा छा गया