जब विक्रमादित्य अपने राज्य के नौनिहालों की प्राणरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने से भी नहीं हिचके

जब विक्रमादित्य अपने राज्य के नौनिहालों की प्राणरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान

राजा भोज को, स्वर्ण सिंहासन की नवीं पुतली, मधुमालती ने जो कथा सुनाई उससे विक्रमादित्य की प्रजा के हित में …

Read moreजब विक्रमादित्य अपने राज्य के नौनिहालों की प्राणरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने से भी नहीं हिचके

जब विक्रमादित्य ने अपने प्राणों की भी परवाह न करते हुए वसु का विवाह अप्सराओं से भी सुन्दर राजकुमारी से करवाया

जब विक्रमादित्य ने अपने प्राणों की भी परवाह न करते हुए वसु का विवाह अप्सराओं

राजा भोज को स्वर्ण सिंहासन की दसवीं पुतली प्रभावती ने विक्रमादित्य की जो कथा सुनाई वो इस प्रकार थी | …

Read moreजब विक्रमादित्य ने अपने प्राणों की भी परवाह न करते हुए वसु का विवाह अप्सराओं से भी सुन्दर राजकुमारी से करवाया

भृगु ऋषि और सुन्दरी पुलोमा के पुत्र च्यवन ऋषि का जन्म कैसे हुआ था, क्या भृगु ऋषि ने ही अग्निदेव को सर्वभक्षी होने का शाप दिया था ?

भृगु ऋषि और सुन्दरी पुलोमा के पुत्र च्यवन ऋषि का जन्म कैसे हुआ था

शौनक ऋषि, महर्षि भृगु की कथा सुनना चाहते थे इसलिए एक बार वे अपने मित्रों व अन्य ऋषियों के साथ, …

Read moreभृगु ऋषि और सुन्दरी पुलोमा के पुत्र च्यवन ऋषि का जन्म कैसे हुआ था, क्या भृगु ऋषि ने ही अग्निदेव को सर्वभक्षी होने का शाप दिया था ?

पाण्डवों के लाक्षागृह से सकुशल भाग निकलने की कथा

पाण्डवों के लाक्षागृह से सकुशल भाग निकलने की कथा

पाँचों पांडव जब अपनी माँ के साथ वारणावत पहुंचे तो पाण्डवों के शुभागमन का समाचार सुनकर वारणावत के नागरिक शास्त्र-विधि …

Read moreपाण्डवों के लाक्षागृह से सकुशल भाग निकलने की कथा

दुर्योधन ने कुटिलता पूर्वक पांडवों को वारणावत भेजने की योजना बनाई और धृतराष्ट्र के साथ मिल कर उन्हें भेज दिया

Cunning fellow Duryodhana made a plan to send the Pandavas to Varnavat

कुरुवंश के राजकुमार, कौरव और पाण्डव अब बड़े हो रहे थे | दुर्योधन ने जब देखा कि युधिष्ठिर के छोटे …

Read moreदुर्योधन ने कुटिलता पूर्वक पांडवों को वारणावत भेजने की योजना बनाई और धृतराष्ट्र के साथ मिल कर उन्हें भेज दिया

जब पाण्डवों को विवश हो कर वारणावत की यात्रा के लिए निकलना पड़ा तो विदुर ने सांकेतिक और गुप्त भाषा में उन्हें खतरे से आगाह क्या

पाण्डवों को विवश हो कर वारणावत की यात्रा के लिए निकलना पड़ा

दुर्योधन की कुटिल चालों के अनुसार जब धृतराष्ट्र ने पाण्डवों को वारणावत जाने की आज्ञा दे दी, तब दुरात्मा दुर्योधन …

Read moreजब पाण्डवों को विवश हो कर वारणावत की यात्रा के लिए निकलना पड़ा तो विदुर ने सांकेतिक और गुप्त भाषा में उन्हें खतरे से आगाह क्या

सिंहासन बत्तीसी की सातवीं पुतली कौमुदी ने, विक्रमादित्य की पिशाचिनी से मुलाकात और उसके दिव्य चमत्कारी, अन्नपूर्णा पात्र की कथा सुनायी

सिंहासन बत्तीसी की सातवीं पुतली कौमुदी ने, विक्रमादित्य की पिशाचिनी से मुलाकात

विक्रमादित्य के स्वर्ण सिंहासन ने राजा भोज की नींद उड़ायी हुई थी | वे जल्द से जल्द उस पर विराजमान …

Read moreसिंहासन बत्तीसी की सातवीं पुतली कौमुदी ने, विक्रमादित्य की पिशाचिनी से मुलाकात और उसके दिव्य चमत्कारी, अन्नपूर्णा पात्र की कथा सुनायी

स्वर्ण सिंहासन की छठी पुतली रविभामा ने राजा भोज को सम्राट विक्रमादित्य के आतिथ्य-सत्कार की हैरान कर देने वाली कथा सुनायी

राजा भोज को अब तक सिंघासन बत्तीसी से निकलने वाली पुतलियों द्वारा सुनायी जाने वाली कहानियों को सुनने में आनंद …

Read moreस्वर्ण सिंहासन की छठी पुतली रविभामा ने राजा भोज को सम्राट विक्रमादित्य के आतिथ्य-सत्कार की हैरान कर देने वाली कथा सुनायी

विक्रमादित्य के स्वर्ण सिंहासन की तीसरी पुतली चन्द्रकला ने राजा भोज को पुरुषार्थ और भाग्य की कथा सुनायी

सिंहासन बत्तीसी की तीसरी पुतली चन्द्रकला ने राजा भोज को कथा सुनायी

विक्रमादित्य के स्वर्ण सिंहासन ने राजा भोज का कौतूहल बढ़ा दिया था | अब वे जल्दी से जल्दी उस पर …

Read moreविक्रमादित्य के स्वर्ण सिंहासन की तीसरी पुतली चन्द्रकला ने राजा भोज को पुरुषार्थ और भाग्य की कथा सुनायी

सिंघासन बत्तीसी की पांचवी पुतली लीलावती ने विक्रमादित्य के प्रजापालन व दानवीरता की कथा सुनायी

सिंघासन बत्तीसी की पांचवी पुतली लीलावती

विक्रमादित्य के स्वर्ण सिंहासन को प्राप्त करने के बाद, पांचवें दिन राजा भोज का रास्ता रोकने वाली लीलावती थी, जो …

Read moreसिंघासन बत्तीसी की पांचवी पुतली लीलावती ने विक्रमादित्य के प्रजापालन व दानवीरता की कथा सुनायी