राजा विक्रमादित्य ने जब ज्योतिषी के धैर्य को परखने के लिए लकड़हारे का रूप धरा

राजा विक्रमादित्य ने जब ज्योतिषी के धैर्य को परखने के लिए लकड़हारे का रूप धरा

स्वर्ण सिंहासन की बीसवीं पुतली ज्ञानवती ने राजा भोज को बताया कि राजा विक्रमादित्य सच्चे ज्ञान के बहुत बड़े पारखी …

Read moreराजा विक्रमादित्य ने जब ज्योतिषी के धैर्य को परखने के लिए लकड़हारे का रूप धरा

जब राजा विक्रमादित्य ने पाताल लोक की यात्रा की तथा वहाँ के राजा शेषनाग से मुलाकात की

जब राजा विक्रमादित्य ने पाताल लोक की यात्रा की तथा वहाँ के राजा शेषनाग से मुलाकात की

राजा भोज से स्वर्ण सिंहासन की सोलहवीं पुतली, सत्यवती ने जो विक्रमादित्य की कथा कही वह इस प्रकार थी | …

Read moreजब राजा विक्रमादित्य ने पाताल लोक की यात्रा की तथा वहाँ के राजा शेषनाग से मुलाकात की

जब विक्रमादित्य के यान्त्रिक रथ हवा में उड़े और उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया

जब विक्रमादित्य के यान्त्रिक रथ हवा में उड़े और उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया

स्वर्ण सिंहासन की पंद्रहवीं पुतली सुन्दरवती, अपने नाम के अनुरूप ही अत्यंत सुंदरी थी | राजा भोज समेत समस्त दरबारी …

Read moreजब विक्रमादित्य के यान्त्रिक रथ हवा में उड़े और उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया

विक्रमादित्य के राज्य में सुदूर देशों से विद्वान तथा प्रतिभावन, सम्मान तथा पारितोषिक पाने आते थे

विक्रमादित्य के राज्य में सुदूर देशों से विद्वान तथा प्रतिभावन, सम्मान तथा पारितोषिक पाने आते थे

राजा विक्रमादित्य कला तथा प्रतिभा का बहुत सम्मान करते थे | उनकी गुणग्राहिता का कोई जवाब नहीं था । वे …

Read moreविक्रमादित्य के राज्य में सुदूर देशों से विद्वान तथा प्रतिभावन, सम्मान तथा पारितोषिक पाने आते थे

विक्रमादित्य ने सुलझायी पहेली, मन बड़ा या ज्ञान

विक्रमादित्य ने सुलझायी पहेली, मन बड़ा या ज्ञान

विक्रमादित्य के स्वर्ण सिंहासन से निकली उन्नीसवीं पुतली, रूपरेखा ने, राजा भोज को, विक्रमादित्य की महानता का वर्णन करते हुए …

Read moreविक्रमादित्य ने सुलझायी पहेली, मन बड़ा या ज्ञान

जब विक्रमादित्य की परोपकार तथा त्याग की भावना से भगवान् शिव प्रसन्न हुए

जब विक्रमादित्य की परोपकार तथा त्याग की भावना से भगवान् शिव प्रसन्न हुए

महाराजा विक्रमादित्य के उज्जैयनी राज्य की प्रजा को कोई कमी नहीं थीं । प्रजा का लगभग हर वर्ग संपन्न था …

Read moreजब विक्रमादित्य की परोपकार तथा त्याग की भावना से भगवान् शिव प्रसन्न हुए

विक्रमादित्य ने हिंसक सिंह का शिकार करते हुए एक कापालिक और बेताल का न्याय किया

विक्रमादित्य ने हिंसक सिंह का शिकार करते हुए एक कापालिक और बेताल का न्याय किया

राजा भोज को खुदाई में जो स्वर्ण सिंहासन मिला था उसकी चौदहवीं पुतली का नाम सुनयना था | सुनयना ने …

Read moreविक्रमादित्य ने हिंसक सिंह का शिकार करते हुए एक कापालिक और बेताल का न्याय किया

स्वर्ण सिंहासन की तेरहवीं पुतली, कीर्तिमती, ने खोला रहस्य, सर्वश्रेष्ठ दानवीर कौन विक्रमादित्य या कोई और

स्वर्ण सिंहासन की तेरहवीं पुतली, कीर्तिमती, ने खोला रहस्य, सर्वश्रेष्ठ दानवीर कौन

राजा भोज को इस बार विक्रमादित्य की कथा सुनायी तेरहवीं पुतली कीर्तिमती ने | कीर्तिमती ने राजा भोज व वहाँ …

Read moreस्वर्ण सिंहासन की तेरहवीं पुतली, कीर्तिमती, ने खोला रहस्य, सर्वश्रेष्ठ दानवीर कौन विक्रमादित्य या कोई और

ब्राह्मणी को बचाने के लिए विक्रमादित्य ने रहस्यमय राक्षस से घमासान युद्ध किया

ब्राह्मणी को बचाने के लिए विक्रमादित्य ने रहस्यमय राक्षस से घमासान युद्ध किया

विक्रमादित्य के स्वर्ण सिंहासन की बारहवीं पुतली पद्मावती ने राजा भोज को, विक्रमादित्य के एक राक्षस से हुए घमासान युद्ध …

Read moreब्राह्मणी को बचाने के लिए विक्रमादित्य ने रहस्यमय राक्षस से घमासान युद्ध किया

दानवीर विक्रमादित्य ने समुद्र देव से उपहार स्वरुप प्राप्त दुर्लभ मणियों तथा पवन वेगी घोड़े को ब्राहमण को दान कर दिया

दानवीर विक्रमादित्य ने समुद्र देव से उपहार स्वरुप प्राप्त दुर्लभ मणियों तथा पवन वेगी घोड़े को ब्राहमण को दान कर दिया

सम्राट विक्रमादित्य बहुत बड़े प्रजापालक व प्रजाहितैषी थे । उन्हें हमेंशा अपनी प्रजा की सुख-समृद्धि की ही चिन्ता सताती रहती …

Read moreदानवीर विक्रमादित्य ने समुद्र देव से उपहार स्वरुप प्राप्त दुर्लभ मणियों तथा पवन वेगी घोड़े को ब्राहमण को दान कर दिया