पंचतंत्र की कहानियां-तीतर खरगोश और ढोंगी बिल्ले के न्याय की कहानी

पंचतंत्र की कहानियां-तीतर खरगोश और ढोंगी बिल्ले का न्याय

बहुत दिनों पहले की बात है, एक वृक्ष की जड़ के पास बिल में तीतर निवास करता था । वृक्ष …

Read moreपंचतंत्र की कहानियां-तीतर खरगोश और ढोंगी बिल्ले के न्याय की कहानी

पंचतन्त्र की कहानियाँ-बुद्धिमान सियार और सिंह की कहानी

एक जंगल में एक सिंह रहता था । सिंह का नाम खरनखर था । वह बड़ा बलवान था | वह …

Read moreपंचतन्त्र की कहानियाँ-बुद्धिमान सियार और सिंह की कहानी

पंचतन्त्र की कहानियाँ-बुद्धिमान की हमेशा विजय ही होती है

पंचतन्त्र की कहानियाँ-बुद्धिमान की हमेशा विजय होती है

एक वन में हाथियों का एक झुंड रहता था । झुंड का एक सरदार था । उसे यूथपति या गजराज …

Read moreपंचतन्त्र की कहानियाँ-बुद्धिमान की हमेशा विजय ही होती है

पंचतन्त्र की कहानियाँ-श्राप द्वारा मिले हुए सांप के शरीर से छुटकारा

एक गांव में एक ब्राह्मण अपनी पत्नी के साथ रहता था । उसकी कोई संतान नहीं थी । पति और …

Read moreपंचतन्त्र की कहानियाँ-श्राप द्वारा मिले हुए सांप के शरीर से छुटकारा

पंचतन्त्र की कहानियाँ-विश्वासघाती मगर की मूर्खता से बन्दर ने अपनी जान बचायी

पंचतन्त्र की कहानियाँ-विश्वासघाती मगर की मूर्खता से बन्दर ने अपनी जान बचायी

एक नदी किनारे वृक्ष पर एक बंदर रहता था । बंदर अकेला था | वह वृक्ष के मीठे-मीठे फलों को …

Read moreपंचतन्त्र की कहानियाँ-विश्वासघाती मगर की मूर्खता से बन्दर ने अपनी जान बचायी

पंचतन्त्र की कहानियाँ-विद्वानों की मूर्खता ने उन्हें काल का ग्रास बनाया

विद्वानों की मूर्खता ने उन्हें काल का ग्रास बना दिया

बहुत समय की बात है, एक नगर में चार मित्र रहते थे । उनमें परस्पर बड़ी प्रीति थी । वे …

Read moreपंचतन्त्र की कहानियाँ-विद्वानों की मूर्खता ने उन्हें काल का ग्रास बनाया

पंचतन्त्र की कहानियाँ-चार सच्चे मित्र जिन्होंने सूझबूझ से एक दूसरे की जान बचायी

पंचतन्त्र की कहानियाँ-चार सच्चे मित्र

एक झील के किनारे चार प्राणी रहते थे – कौवा, कछुआ, चूहा और मृग। कौवा वृक्ष पर रहता था, कछुआ …

Read moreपंचतन्त्र की कहानियाँ-चार सच्चे मित्र जिन्होंने सूझबूझ से एक दूसरे की जान बचायी

पंचतन्त्र की कहानियाँ-नीले रँगे सियार का जब भेद खुला तो उसे अपनी जान से हाँथ धोना पड़ा

एक वन में एक सियार रहता था । सियार बड़ा ही चालाक और धूर्त था । वह दिन-भर तो छिपा …

Read moreपंचतन्त्र की कहानियाँ-नीले रँगे सियार का जब भेद खुला तो उसे अपनी जान से हाँथ धोना पड़ा

पंचतन्त्र की कहानियाँ-धोखेबाजी का फल बुरा होता है

धोखेबाज सारस

एक तालाब के किनारे एक सारस रहता था । सारस बड़ा मक्कार था । वह प्रतिदिन तालाब की मछलियों को …

Read moreपंचतन्त्र की कहानियाँ-धोखेबाजी का फल बुरा होता है

पंचतन्त्र की कहानियाँ-चोर के हृदय परिवर्तन से उसे सदबुद्धि आयी और उसने अन्य लोगों की जान बचायी

चोर की सद्बुद्धि

किसी समय एक राज्य में तीन युवक थे – एक था राजा का लड़का, दूसरा था मंत्री का लडका और …

Read moreपंचतन्त्र की कहानियाँ-चोर के हृदय परिवर्तन से उसे सदबुद्धि आयी और उसने अन्य लोगों की जान बचायी