भगवान राम और भगवान कृष्ण के अवतारों का विशिष्ट वर्णन

भगवान राम और भगवान कृष्ण के अवतारों का विशिष्ट वर्णन

वैदिक ग्रंथों के अनुसार वेद अनंत कोटि ब्रह्मण्ड नायक भगवान के निःश्वास से उद्भूत हैं। इस आशय को गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी कहा है| सृष्टि के आदि में ब्रह्मा जी से उत्पन्न राजर्षि मनु के ‘भूतं भव्यं भविष्यं च …

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क्या परम पिता परमात्मा नित्य अवतार लेते हैं

क्या परम पिता परमात्मा नित्य अवतार लेते हैं

काल बड़ा ही निर्दयी है | जैसे जैसे समय आगे बढ़ता है, वैसे वैसे ही पल-प्रहर, दिन-रात, माह-वर्ष, युग-कल्प आदि बदलते रहते हैं। इन सब के बदलने के बाद भी ईश्वर वही रहता है। जो कृतयुग, त्रेता और द्वापर में …

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काल के भी काल अर्थात महाकाल के रूप में भगवान का अवतार

काल के भी काल अर्थात महाकाल के रूप में भगवान का अवतार

भगवान समस्त जगत के समस्त प्राणियों के नियामक हैं । उनकी लीला एवं उनके संकल्पों का रहस्य, माया में पड़ा हुआ जीव किसी भी साधन से नहीं जान सकता। भगवत्कृपा से ही जीव उनके संबंध में थोड़ा बहुत जान पाता …

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भगवान के अवतार का महत्व

भगवान के अवतार का महत्व

वृन्दावन, मथुरा एवं द्वारकापुरी में जो-जो अवतार लीलाएं हुई हैं तथा प्राचीन मुनि-ऋषियों के द्वारा सूचित प्रतियुगोचित जो-जो लीला अवतार समूह इस धरती पर हुए हैं, उनके विस्तार-प्रसारपूर्वक् जो वेदवेद्य अवतारी भगवान अपने नित्यधाम श्री पुरूषोत्तमपुरी क्षेत्र में समुपविष्ट हैं, …

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श्री भगवान का चतुर्व्यूह रूप क्या है, उनके अवतार भेद क्या हैं, उनसे जीव की उत्पत्ति कैसे होती है

श्री भगवान का चतुर्व्यूह रूप क्या है, उनके अवतार भेद क्या हैं, उनसे जीव की उत्पत्ति कैसे होती है

अवतार का अर्थ सामान्य जन्म से नहीं है। अवतारी की तो जन्म-कर्म-जैसी समस्त लौकिक क्रियाएं दिव्य होती हैं। गीता में श्री भगवान ने अवतार के संबंध में समस्त जिज्ञासाओं का समाधान बड़ी स्पष्टता से किया है एवं कहा है “यद्यपि …

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क्या कपिल मुनि के नेत्रों से ही राजा सगर के साठ हज़ार पुत्र जल कर भस्म हो गए थे

क्या कपिल मुनि के नेत्रों से ही राजा सगर के साठ हज़ार पुत्र जल कर भस्म हो गए थे

यह सत्ययुग की बात है | अत्यन्त प्राचीनकाल में ‘स्यूमरश्मि’ नाम के एक ऋषि हुआ करते थे | वो दिव्य तेज़ के स्वामी थे लेकिन एक बार उन्हें परम प्रभु परमेश्वर के सम्बन्ध में अनेक महान कौतूहल उत्पन्न हुए | …

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भगवान शिव के अटठाईस योगेश्वर और महाकाल आदि दस अवतार क्या हैं

भगवान शिव के अटठाईस योगेश्वर और महाकाल आदि दस अवतार क्या हैं

जिस प्रकार से प्रत्येक मन्वन्तर के प्रत्येक द्वापर युग में भगवान नारायण स्वयं वेदव्यास के रूप में अवतार लेकर मनुष्यों के हित के लिये वेदों और पौराणिक ग्रंथों का विभाजन करते हैं, उसी प्रकार भगवान सदाशिव प्रत्येक मन्वन्तर के प्रत्येक …

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भगवान शिव के एकादश रूद्र अवतार

भगवान शिव के एकादश रूद्र अवतार

पूर्वकाल की बात है, एक बार इन्द्र आदि समस्त देवता दैत्यों से पराजित और भयभीत होकर अपनी ऐश्वर्य नगरी, अमरावती पुरी से भाग कर अपने पिता महर्षि कश्यप के आश्रम की ओर आये । वहां उन्होंने अपनी कष्ट-कथा, अपने पिता …

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ब्रह्माण्ड के विभिन्न लोकों की रचना करने वाले विधाता के भ्रम को जब मुरलीधर श्रीकृष्ण ने दूर किया

ब्रह्माण्ड के विभिन्न लोकों की रचना करने वाले विधाता के भ्रम को जब मुरलीधर श्रीकृष्ण ने दूर किया

एक बार ब्रह्मा जी को भी श्री कृष्ण के परमेश्वर होने पर संदेह हुआ | जीवों को माया के बन्धन में बाँधने वाले ने ऐसी लीला दिखाई कि विधाता भी विह्वल हो गए | इस कथा प्रसंग में अवतारों के …

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गुरु गोरखनाथ की कथा, गोरखपुर में स्थित गोरखनाथ मंदिर उनके कौन से युग की तपःस्थली है

गुरु गोरखनाथ की कथा, गोरखपुर में स्थित गोरखनाथ मंदिर उनके कौन से युग की तपःस्थली है

गुरु गोरखनाथ की कथा गुरु गोरखनाथ भारतीय मानस में देवाधिदेव शिव के अवतार के रूप में प्रतिष्ठित हैं । गोरखनाथ को पुराणों में भगवान शिव का अवतार माना गया है | माना जाता है कि भगवान् शिव ने ही गोरख …

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