व्रज में गिरिराज गोवर्धन का अवतरण

व्रज में गिरिराज गोवर्धन का अवतरण

आनंदकन्द भगवान श्री कृष्ण चन्द्र की जन्मभूमि, केलि-क्रीड़ा एवं लीला स्थली होने का गौरव प्राप्त होने से व्रज भूमि भारत वर्ष मे अति पावन है। इस व्रज भूमि में गोपाल कृष्ण की गौचारण-स्थली एवं गोचर भूमि गोवर्धन का अपना विशिष्ट …

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‘सत्य’ भी भगवान का अवतार है

‘सत्य’ भी भगवान का अवतार है

इस ब्रम्हाण्ड में भगवान के जो भी अवतार हो चुके हैं या भविष्य में होने वाले है , बड़े-बड़े विद्वानों द्वारा भी उनकी गणना नहीं की जा सकती है। भगवान का रूप सत्य है; वह तीनों कालों में , सभी …

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भगवान का अन्तर्यामी रूप में अवतार

भगवान का अन्तर्यामी रूप में अवतार

मनुष्य एवं ईश्वर का संबंध पूर्वकाल से ही एक ऐसी मानवीय भूमि पर प्रतिष्ठित है , जहां एक के उत्क्रमण और दूसरे के अवतरण के द्वारा परस्पर आकर्षण होता रहा है। ईश्वर मनुष्य की स्वानुभूतियों से ऊपर इच्छामय , प्रेममय …

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तुलसी जी कौन हैं, उनके पौधे के क्या क्या फायदे हैं

भगवती मूल प्रकृति का तुलसी रूप में अवतरण

नवनीरद-श्याम, कोटि कन्दर्प लावण्य-लीला धाम, वनमाला विभूषित, पीताम्बरधारी भगवान श्री कृष्ण परब्रह्म परमात्मा हैं। प्रलय के समय स्वरूपा प्रकृति इनमें क्रियाशीला हो जाती है। सृष्टि के अवसर पर परब्रह्म परमात्मा स्वयं दो रूपों में प्रकट हुए-प्रकृति और पुरूष। परब्रह्म परमात्मा …

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गरुड़ भगवान कौन थे, उनकी उत्पत्ति कैसे हुई?

bhagwan ka garudavatar

भगवान श्री हरि के वाहन और उनके रथ की ध्वजा में स्थित विनता नन्दन गरूड़ भगवान विभूति हैं। वे नित्य मुक्त और अखण्ड ज्ञान सम्पन्न हैं। उनका विग्रह सर्ववेदमय है, उनके पंख बृहत और रथन्तर हैं, उड़ते समय जिस से …

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गया तीर्थ स्थल में भगवान विष्णु का अवतार

भगवान विष्णु का गदाधर-अवतार

फल्गु नदी के अंत के रमणीय तट पर श्री विष्णु भगवान एवं माता मंगलागौरी जी के दिव्य स्थान से सुशोभित पितरो का उद्धार करने वाले , तीर्थ गया को भारतीय तीर्थों में सबसे उत्तम स्थान प्राप्त है। गया में भगवान …

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श्रीमद भागवत भगवान श्री राधा कृष्ण का अवतार है

श्री राधा कृष्ण

भगवान के अवतार से तात्पर्य है-‘अवति भक्तांस्तारयति पतितांश्चेति अवतारः।’ अर्थात भक्तों की रक्षा करना और पापियों का उद्धार करना उन भगवान के अवतार का मुख्य प्रयोजन है। भगवान के असंख्य अवतार हैं, ‘अवतारा ह्यासंख्येयाः’ (श्रीमद0 1।3।26)। ब्रह्मा जी ने भगवान …

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रहस्यमय संसार वृक्ष क्या है, पुराणों में इसका वर्णन किस प्रकार से हुआ है

रहस्यमय संसार वृक्ष

भगवान श्री कृष्ण भगवत गीता में कहते हैं कि वे समस्त वृक्षों में पीपल के वृक्ष हैं और देवर्षियों में नारद हैं। इसके बाद पुनः श्रीमद भागवत में वे कहते हैं-वनस्पतियों में मैं पीपल और धन्यों में यव (जौ) हूं। …

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क्या वेदों, उपनिषदों, एवं ब्राह्मण ग्रंथों में भी भगवान के अवतार का वर्णन हुआ है

क्या वेदों, उपनिषदों, एवं ब्राह्मण ग्रंथों में भी भगवान के अवतार का वर्णन हुआ है

अवतार शब्द किससे बना है उपसर्गपूर्वक तृ धातु से ‘अवतार’ शब्द बना है। शाब्दिक रूप से समझे तो, ‘उच्च स्थान से नीचे स्थान पर उतरना’, इसे ‘अवतार’ कहते हैं। अवतार किसका? कब? और किसलिये होता है? इन प्रश्नों के उत्तर …

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भगवान राम के अवतार लेने का रहस्य

bhagwaan ram

भगवान् राम के अवतार के सम्बन्ध में केवल आम जनमानस को ही कौतूहल नहीं होता, अपितु लीलाधारी भगवान् शंकर भी अपनी अर्धांगिनी, माँ पार्वती के प्रश्नों का व्यापक उत्तर देते हैं | श्री रामचरितमानस में भगवती पार्वती ने भगवान श्री …

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