वराह अवतार क्या है, भगवान ने इस रूप मे अवतार क्यों लिया, हिरण्याक्ष कौन था, उसका वध भगवान ने क्यों किया

वराह अवतार क्या है, भगवान ने इस रूप मे अवतार क्यों लिया

एक बार की बात है । परम अनासक्त, समस्त लोकों में आकाश मार्ग से विचरण करने वाले, चतुर्मुख ब्रह्मा के मानस पुत्र सनकादि मुनि, उन परम ब्रह्म के अलौकिक वैकुण्ठधाम में जा पहुँचे । उनके मन में भगवददर्शन की असीम …

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भगवान गणेश, श्री गजानन ने, भगवान ब्रह्मा जी के मुख से उत्पन्न असुरराज, सिंदूर, का वध किस प्रकार किया एवं महर्षि पराशर को उन्होंने किस प्रकार पुत्र सुख प्रदान किया

भगवान गणेश, श्री गजानन ने, भगवान ब्रह्मा जी के मुख से उत्पन्न असुरराज, सिंदूर, का वध किस प्रकार किया एवं महर्षि पराशर को उन्होंने किस प्रकार पुत्र सुख प्रदान किया

एक बार द्वापर युग की बात है । एक दिन पार्वती वल्लभ भगवान् शिव, ब्रह्म-सदन पहुँचे । उस समय ब्रह्मा जी शयन कर रहे थे । नया कल्प प्रारम्भ होने को था | कमलासन ब्रह्मा जी ने निद्रा से उठते …

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शिवपुराण, पद्मपुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण, लिंगपुराण, स्कन्दपुराण व अन्य पुराणों में उपलब्ध भगवान् गणेश के प्राकट्य की कहानियां

शिवपुराण, पद्मपुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण, लिंगपुराण, स्कन्दपुराण व अन्य पुराणों में उपलब्ध भगवान् गणेश के प्राकट्य की कहानियां

ब्रह्माण्ड से परे क्षीरसागर (Milky way) में शेष शय्या पर लेटे हुए श्रीनारायण और उनके चरण पखारती देवी लक्ष्मी को छोड़कर सभी देवता प्रत्येक कल्प की समाप्ति पर नारायण में ही समाहित हो जाते हैं और नये कल्प के संधिकाल …

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भगवान गणेश के महोत्कट विनायक के रूप में अवतार की कथा

भगवान गणेश के महोत्कट विनायक के रूप में अवतार की कथा

एक बार की बात है, महान वैज्ञानिक महर्षि कश्यप अग्निहोत्र कर चुके थे । दैवीय, सुगन्धित यज्ञ-धूम आकाश में चारो तरफ़ फैला हुआ था । इसी समय देवमाता, पुण्यमयी अदिति अपने पति महर्षि कश्यप के समीप पहुँचीं । परम तपस्वी …

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श्री सनकादि मुनि कौन हैं, उनके श्राप से हिरण्यकशिपु, हिरण्याक्ष, रावण, कुम्भकर्ण और शिशुपाल आदि जैसे राक्षस कैसे पैदा हुए

श्री सनकादि मुनि कौन हैं, उनके श्राप से हिरण्यकशिपु, हिरण्याक्ष, रावण, कुम्भकर्ण और शिशुपाल आदि जैसे राक्षस कैसे पैदा हुए

जगतपिता परमेश्वर के अध्यक्षता में प्रकृति द्वारा रची गयी सृष्टि के प्रारम्भ में लोकपितामह ब्रह्मा ने विविध लोकों को रचने की इच्छा से तपस्या (उद्योग) की । लोकस्रष्टा के उस अखण्ड तप से प्रसन्न होकर विश्वाधार परमप्रभु ने ‘तप’ अर्थवाले …

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क्या भगवान श्री कृष्ण ही विष्णु या महाविष्णु या महेश्वर हैं

क्या भगवान श्री कृष्ण ही विष्णु या महाविष्णु या महेश्वर हैं

भगवान श्री कृष्ण के बारे में अक्सर लोगों को भ्रम हो जाता है कि यही महाविष्णु हैं? या क्या यही सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं? कुछ महानुभावों ने परमेश्वर के तीन प्रमुख तत्त्व माने हैं-‘विष्णु’ ‘महाविष्णु’ और ‘महेश्वर’ । भगवान् श्रीकृष्ण में …

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भगवान गणेश के धूम्रकेतु अवतार व उनके आठ प्रमुख अवतारों का वर्णन

भगवान गणेश के धूम्रकेतु अवतार व उनके आठ प्रमुख अवतारों का वर्णन

पुराणों में भगवान गणेश के कलियुगीय भावी अवतार के विषय में आया है कि उनका यह अवतार ‘धूम्रकेतु’ के नाम से विख्यात होगा । कहा गया है कि जब कलियुग में सर्वत्र धर्म का लोप हो जायगा, अत्याचार-अनाचार का साम्राज्य …

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भगवान की कथा तथा भगवान के अवतार व उनकी कलायें

भगवान की कथा तथा भगवान के अवतार व उनकी कलायें

भगवान की कथा का महत्व सनातन धर्म के ग्रंथों में दिया हुआ है | कुछ विद्वान ऐसा मानते हैं कि अपनी लीला में अवतीर्ण भगवान् श्रीकृष्ण का त्रिविध प्रकाश है । द्वापर युग के कुरूक्षेत्र में श्रीकृष्ण पूर्ण सत् और …

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जन्माष्टमी के पर्व की महिमा एवं भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य

जन्माष्टमी के पर्व की महिमा एवं भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य

जन्माष्टमी का पर्व भारतवर्ष के महान पर्वों में से एक है | इसकी महिमा अपरम्पार है | यहाँ बहुत से लोग जन्माष्टमी के दिन व्रत रहते है, तो वहीँ बहुत से लोग इस दिन झाँकी सजाते हैं और रात भर …

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सर्वशक्तिमान ईश्वर कौन हैं, उनके विभिन्न अवतार क्या हैं

सर्वशक्तिमान ईश्वर कौन हैं, उनके विभिन्न अवतार क्या हैं

ईश्वरीय तत्व जब महामाया के अविद्या रुपी अंश के साथ होता है तो वह उसके वशीभूत हो जाता है और बन जाता है ‘जीवात्मा’ | फिर आरम्भ होता है जन्म-जन्मान्तर तक विभिन्न देह ग्रहण करने और कर्मानुसार सुख-दुःख भोगने का …

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