राजा नल और दमयन्ती के पूर्वजन्म की कथा
राजा नल की कथा किसी समय आबू पर्वत (Mount Abu) के पास ‘आहुक’ नाम का एक भील रहता था | उसकी परम सुन्दरी स्त्री का नाम आहुआ था | वह बड़ी पतिव्रता तथा धर्मशील थी | दोनों ही पति-पत्नी बड़े …
राजा नल की कथा किसी समय आबू पर्वत (Mount Abu) के पास ‘आहुक’ नाम का एक भील रहता था | उसकी परम सुन्दरी स्त्री का नाम आहुआ था | वह बड़ी पतिव्रता तथा धर्मशील थी | दोनों ही पति-पत्नी बड़े …
भूत प्रेत की रहस्यमय योनि से मुक्ति केवल श्राद्ध आदि संस्कार कर्मों के करने से ही नहीं मिलती | कभी-कभी स्थितियाँ विचित्र हो जाती हैं | समझ में नहीं आता गड़बड़ कहाँ हुई | प्रेत योनि से मुक्ति दिलाने में …
कहते हैं कि सत्ययुग में भगवान नृसिंह का अवतार हुआ था, त्रेता में भगवान श्री रामचन्द्र जी अवतरित हुए, और द्वापर में भगवान श्री कृष्ण मुरारी का अवतार हुआ इसी प्रकार से वर्तमान में, कलियुग में भगवान के नाम रूप …
एक बार विदेह नरेश बहुलाश्व की राजसभा में देवर्षि नारद पहुंचे | बहुत दिनों से उनके मन में उत्कंठा थी सो उसे उन्होंने नारद जी से पूछ लिया | उन्होंने पूछा कि “देवर्षि ! भगवान के चरण रज की महिमा …
मालावती की चीत्कार सुनकर वहाँ उपस्थित सभी का ह्रदय दहल उठा | प्राणों से भी अधिक प्रिय उसके पति उपबृहड़ ने भगवान कृष्ण के नाम का उच्चारण करते हुए अपना शरीर त्याग दिया था | यह ह्रदय विदारक दृश्य देख …
ब्रिटेन के पूर्वी हिस्से में स्थित ईस्ट एंग्लिया के नोरफ़ॉक (Norfolk), सफ़ोक (Suffolk) और कैंब्रिजशायर (Cambridge shire) काउंटी की दन्तकथाओं में शताब्दियों से एक पैशाचिक कुत्ते का ज़िक्र होता आया है जो दिखने में काफी भयानक और बड़े आकार का …
हठयोग के प्रणेता भगवान शिव हैं | भगवान शिव के अनुसार राजयोग सर्वोत्तम है और एक सिद्ध राजयोगी बनने के लिए हठयोग सीढ़ी के समान है | यद्यपि कहीं-कहीं यह भी कहा गया है कि यह दोनों अन्योनाश्रित है अर्थात …
उसका नाम एरिगो था | एरीगो का जन्म 18 अक्टूबर सन् 1921 को, ब्राजील के एक छोटे से गाँव में हुआ था । जन्म साधारण मिला था लेकिन बचपन से ही उसे विचित्र एवं रहस्यमय अनुभूतियाँ होने लगी थीं | …
तंत्रशास्त्र के प्रधान रूप से तीन भेद हैं-आगम, यामल और तंत्र | वाराही तंत्र के मतानुसार सृष्टि, प्रलय, देवताओं की पूजा, सब का साधन और मन्त्रों के पुरश्चरण तथा पट्कर्म साधन और चार प्रकार के ध्यानयोग, जिसमें यह सात प्रकार …
प्राचीन समय में देवब्राह्मण नियंक नाम का एक प्रसिद्ध जुआरी हुआ करता था | वह छल-कपट में माहिर, दुर्व्यसनी, महापापी तथा व्यभिचार आदि महादुर्गुणों से भी दूषित था | माता-पिता तथा वृद्धजनों का भी सम्मान करना उसने छोड़ दिया था …