विक्रमादित्य ने सुलझायी पहेली, मन बड़ा या ज्ञान
विक्रमादित्य के स्वर्ण सिंहासन से निकली उन्नीसवीं पुतली, रूपरेखा ने, राजा भोज को, विक्रमादित्य की महानता का वर्णन करते हुए उन्नीसवीं कहानी सुनायी | उसने बताना आरम्भ किया | राजा विक्रमादित्य के व्यवहारिक ज्ञान, बुद्धि और न्याय की ऐसी धाक …