राजा विक्रमादित्य ने दानवीर राजा बलि से पाताल लोक में मिलने के लिए भगवान विष्णु को, कठोर तपस्या करके प्रसन्न किया
राजा भोज, स्वर्ण सिंहासन की सत्ताईसवीं पुतली, मलयवती को देख कर मुग्ध हुए जा रहे थे | जीवंत होने के पश्चात् मलयवती ने सर्वप्रथम राजा भोज व उनके समस्त दरबारी गणों को बैठ जाने को कहा फिर अपनी संगीतमय वाणी …