कृष्ण अवतार की कथा
“संसार के प्राणी अत्यन्त दुःखी हैं दयाधाम!” देवर्षि नारद गोलोक में सत्कार स्वीकार करके आसन पर आसीन हो गये थे और कुशल-प्रश्न का अवकाश दिये बिना ही उन्होंने स्वतः प्रार्थना प्रारम्भ कर दी “आपकी अहैतु की कृपा के अतिरिक्त उनका …
“संसार के प्राणी अत्यन्त दुःखी हैं दयाधाम!” देवर्षि नारद गोलोक में सत्कार स्वीकार करके आसन पर आसीन हो गये थे और कुशल-प्रश्न का अवकाश दिये बिना ही उन्होंने स्वतः प्रार्थना प्रारम्भ कर दी “आपकी अहैतु की कृपा के अतिरिक्त उनका …
हमारे सनातन धर्म के शास्त्रों तथा पौराणिक ग्रंथों में जहां भगवान के विभिन्न अवतारों का वर्णन मिलता है, वहीं वर्तमान काल की तरह भगवान श्री कृष्ण के काल अर्थात द्वापर युग में भी एक नकली अवतार का रोचक वर्णन श्रीमद …
भगवान् राम के अवतार के सम्बन्ध में केवल आम जनमानस को ही कौतूहल नहीं होता, अपितु लीलाधारी भगवान् शंकर भी अपनी अर्धांगिनी, माँ पार्वती के प्रश्नों का व्यापक उत्तर देते हैं | श्री रामचरितमानस में भगवती पार्वती ने भगवान श्री …
वैदिक ग्रंथों के अनुसार वेद अनंत कोटि ब्रह्मण्ड नायक भगवान के निःश्वास से उद्भूत हैं। इस आशय को गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी कहा है| सृष्टि के आदि में ब्रह्मा जी से उत्पन्न राजर्षि मनु के ‘भूतं भव्यं भविष्यं च …
रूस के साइबेरिया का तुंगुस (Tungus) क्षेत्र, दिन था 30 जून 1908 का और घड़ी की सूइयाँ सुबह के सात बज के बीस मिनट का इशारा कर रही थीं | अचानक एक प्रलयंकारी विस्फोट होता है जिससे एक विशालकाय क्षेत्र …
काल बड़ा ही निर्दयी है | जैसे जैसे समय आगे बढ़ता है, वैसे वैसे ही पल-प्रहर, दिन-रात, माह-वर्ष, युग-कल्प आदि बदलते रहते हैं। इन सब के बदलने के बाद भी ईश्वर वही रहता है। जो कृतयुग, त्रेता और द्वापर में …
भगवान समस्त जगत के समस्त प्राणियों के नियामक हैं । उनकी लीला एवं उनके संकल्पों का रहस्य, माया में पड़ा हुआ जीव किसी भी साधन से नहीं जान सकता। भगवत्कृपा से ही जीव उनके संबंध में थोड़ा बहुत जान पाता …
ब्रह्म एक ही है | एकोहम द्वितीयो नास्ति। उस एक ही सत् (ब्रह्म), को ज्ञानी जन इन्द्र, मित्र, वरूण, अग्नि, दिव्य सुपर्ण गुरूत्मान, यम और मातारिश्वा के नाम से भी पुकारते हैं। भारतीय शास्त्रों के अनुसार नाम दो प्रकार का …
भारत के दस सबसे डरावनी जगहों की बात जब भी चलेगी, गुजरात के दमस बीच का नाम उनमे ज़रूर आएगा | गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत के समुद्री तट पर स्थित दमस बीच जिसे अंग्रेजी में लोग Dumas (डुमस) बीच …
राजा विक्रमादित्य ने, तनिक भी विचलित न होते हुए, वापस पेड़ पर लौटने वाले बेताल को फिर से अपनी पीठ पर लादा और चल दिए उसी तान्त्रिक के पास, जिसने उन्हें लाने का काम सौंपा था | थोड़ी देर बाद …