सूर्य भगवान ही प्रत्यक्ष ब्रह्म हैं

सूर्य भगवान फोटो

सर्व व्यापक निर्गुण निराकार ब्रह्म अनुभवगम्य है। उसका प्रत्यक्ष दर्शन नहीं होता, किंतु उसके साकार रूप सूूर्य का प्रकाश, नित्य ब्रह्म का प्रत्यक्ष प्रकाश् हैै। शत पथ ब्राह्मण में कहा गया हैे कि ‘असौ वा आदित्यो ब्रह्म अहरहः पुरस्तताज्जायते’ (7।4।1।14) …

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देवी विन्ध्यवासिनी की लीला-कथा

देवी नन्दा (विन्ध्यवासिनी) की लीला-कथा

श्रीमद भागवत में एक कथा वर्णित है कि एक बार आततायी राजा कंस के भय से भयभीत होकर वसुदेव जी भगवान श्री कृष्ण को लेकर नन्द गोप यानी नन्द बाबा के घर में चल गये। वहां पहुंचकर उन्होंने बालक श्री …

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जगन्नाथ भगवान जी की अवतार-कथा

पुरूषोत्तम भगवान श्री जगन्नाथ जी की अवतार-कथा

उत्कल प्रदेश पुरूषोत्तम अवतार प्रभु श्री जगन्नाथ जी की पुण्यलीलायों की भूमि है। नित्य लीला से युक्त उत्कल प्रदेश अपनी विश्ववन्द्य पुरूषोत्तम – संस्कृति के निमित्त विश्व में प्रसिद्ध है। पार्वती वल्लभ , श्री शंकर , गगनविलासी श्री सूर्य नारायण …

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देवी रक्तदन्तिका कौन हैं

देवी रक्तदन्तिका

देवी भुवनेश्वरी ने हमेशा विविध प्रकार के अवतार – लीलाओं के द्वारा दुष्ट दैत्यों का शर्वनाश करके इस संसार को सदैव ही विनाश से बचाया है। देवी भुवनेश्वरी ने आर्तजनों को हमेशा ही कष्ट से दूर किया है। शुम्भ निशुम्भ …

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मधु-कैटभ के वध की कथा

मधु-कैटभ के वध की कथा

स्वारोचिष मन्वन्तर के समय की बात है। चैत्र वंश में सुरथ नाम के एक वीर राजा थे , जो राजा विरथ के पराक्रमी पुत्र थे। राजा विरथ बहुत ही दानी, धार्मिक और सत्यवादी राजा थे। राजा सुरथ के पिता विरथ …

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माँ ज्योति का अवतार

ज्योति-अवतार

एक बार जब देवताओं और दैत्यों में भयंकर युद्ध छिड़ गया और देवताओं को इस भीषण युद्ध में विजय प्राप्त हुई । युद्ध को जीतने के बाद देवताओं के हृदय में अहंकार की भावना उत्पन्न होने लगी । सभी देवता …

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महिषासुर वध की कथा

महिषासुर वध

प्राचीनकाल में महिषासुर नामक एक महा पराक्रमी असुर का जन्म हुआ था , जो रम्भ नामक असुर का पुत्र था एवं दैत्यों का सम्राट था। उसने युद्ध में सभी देवताओं को हराकर इन्द्र के सिंहासन पर अपना अधिकर जमा लिया …

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भगवान सूर्य के अवतार श्री निम्बार्काचार्य जी की कहानी

निम्बार्काचार्य

सूर्य अवतार आचार्य निम्बार्क के काल के विषय में बड़ा मतभेद है। इनके भक्त इन्हें द्वापर में पैदा हुआ बताते हैं। इनके कोई-कोई मतानुयायी ईसा की पांचवीं शताब्दी में इनका जन्मकाल बताते हैं। वर्तमान अन्वेषकों के बड़े प्रमाण से इन्हें …

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व्रज में गिरिराज गोवर्धन का अवतरण

व्रज में गिरिराज गोवर्धन का अवतरण

आनंदकन्द भगवान श्री कृष्ण चन्द्र की जन्मभूमि, केलि-क्रीड़ा एवं लीला स्थली होने का गौरव प्राप्त होने से व्रज भूमि भारत वर्ष मे अति पावन है। इस व्रज भूमि में गोपाल कृष्ण की गौचारण-स्थली एवं गोचर भूमि गोवर्धन का अपना विशिष्ट …

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‘सत्य’ भी भगवान का अवतार है

‘सत्य’ भी भगवान का अवतार है

इस ब्रम्हाण्ड में भगवान के जो भी अवतार हो चुके हैं या भविष्य में होने वाले है , बड़े-बड़े विद्वानों द्वारा भी उनकी गणना नहीं की जा सकती है। भगवान का रूप सत्य है; वह तीनों कालों में , सभी …

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इतिहास की सबसे सुंदर स्त्री क्या आप शिमला भूतिया टनल नंबर 33 के बारे में यह जानते हैं? क्या आप भूतों के रहने वाले इस कुलधरा गांव के बारे में जानते हैं? भूत की कहानी | bhoot ki kahani क्या आप जानते हैं कैलाश पर्वत का ये रहस्य? क्या आप जानते हैं निधिवन का ये रहस्य – पूरा पढ़िए
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