भगवान का परिपूर्णतम अवतार

जब प्रभु श्याम ने गार्ड साहब की नौकरी की

परम ज्ञानी श्री शुकदेव जी ने अवतार तत्व की मीमांसा करते हुए राजा परीक्षित से कहा – हे राजन! भगवान प्रकृति के विकास और विनाश , प्रमाण और प्रमेय आदि गुणों से रहित हैं। वे अप्राकृत अनंत गुणों के आश्रय …

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शुम्भ, निशुम्भ, चण्ड, मुण्ड और रक्तबीज का वध देवी ने किस प्रकार किया

शुम्भ, निशुम्भ, चण्ड, मुण्ड और रक्तबीज का वध देवी ने किस प्रकार किया

महामुनि मेधा ने राजा सुरथ और समाधि वैश्य को महा सरस्वती का चरित्र इस प्रकार सुनाया। प्राचीन काल में शुम्भ और निशुम्भ नामक दो परम पराक्रमी दैत्य उत्पन्न हुए थे। तीनों लोकों में उनका भय व्याप्त हो गया था। उनके …

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शिव पार्वती विवाह की कथा

शिव पार्वती विवाह

कर्म काण्ड का अबाधित महत्त्व है। इससे अभ्युदय तो होता है, किंतु यह ब्रह्म का स्थान ग्रहण नहीं कर सकता। प्रकृति ब्रह्म की बहिरंग शक्ति हैं। वह जब स्वयं ब्रह्म के सम्मुख नहीं जा सकती, तब अपने उपासकों को ब्रह्म …

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भ्रामरी देवी के अवतार की कथा

भ्रामरी देवी के अवतार की कथा

पूर्व समय की बात है, अरूण नाम का एक पराक्रमी दैत्य था। देवताओं से द्वेष रखने वाला वह दानव पाताल में रहता था। उसके मन में देवताओं को जीतने की इच्छा उत्पन्न हो गयी, अतः वह हिमालय पर जाकर भगवान् …

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सूर्य भगवान कौन हैं और उनके 12 नाम क्या हैं

surya

‘अवतार’ शब्द ‘अव’ उपसर्गपूर्वक ‘तृ’ धातु में ‘घ´’ प्रत्यय के संयोग से निष्पन्न हुआ है, जिसका शाब्दिक अर्थ है – अपनी स्थिति से नीचे उतरना। इसके विभिन्न अर्थ भी हैं , जैसे – उतार, उदय, प्रारम्भ, प्रकट होना इत्यादि। जैसे …

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श्री रामानन्दाचार्य जी एवं बारह महा भागवतों की कथा

श्री रामानन्दाचार्य जी एवं द्वादश महाभागवतों का अवतार

भगवद्वचनों के अनुसार अधर्म में विशेष वृद्धि के कारण जगतरूपी भगवदीय बगीचा जब समय से पूर्व ही उजड़ने लगता है तो करूणावरूणालय प्रभु श्री राम कभी अदिति नन्दन, कभी देवहूति नन्दन, कभी  कौशल्या नन्दन तो कभी यशोदा नन्दन के रूप …

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चैतन्य महाप्रभु जी की कहानी

चैतन्य महाप्रभु

शास्त्रों में धर्म , अर्थ , काम तथा मोक्ष – इन चार पुरूषार्थ का सम्यक रूप से वर्णन हुआ है, परंतु भगवद्विमुख मानव – जीवन में भगवान के प्रति प्रेम का उदय एवं संवर्द्धन हो कैसे – ऐसे दिव्य सर्वसाधन …

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सूर्य मंत्र, जो वेदों में आये हैं, उनके जप एवं प्रभाव

सूर्य मंत्र

भगवान सूर्य की स्तुति में भक्त प्रातःकाल प्रार्थना करते हुए कहता है कि ‘हे भगवान सूर्य! मैं आपके उस श्रेष्ठ रूप का स्मरण करता हूँ , जिसका मण्डल ऋग्वेद है, तनु यर्जुर्वेद है, किरणें सामवेद हैं तथा जो ब्रह्मा और …

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बारह ज्योतिर्लिग कहाँ स्थित हैं, उनकी कथाएं

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अखिल विश्व ब्रह्माण्ड में भूलोक, भूलोक में भी जम्बू, प्लक्ष तथा क्रोच् आदि द्वीपों में जम्बू द्वीप; पुनः जम्बू – द्वीपान्तर्गत किम्पुरूष, कुरूमाल आदि वर्षों में भारत वर्ष श्रेष्ठ माना जाता है। भारत वर्ष का माहात्म्य यहाँ की सम्भ्यता और …

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दक्षिण भारत के संत रामानुजाचार्य की कथा

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श्री रामानुजाचार्य जी बड़े ही विद्वान , सदाचारी , धैर्यवान , सरल एवं उदार थे। यह आचार्य आलवन्दार (यामुनाचार्य) की परम्परा से थे। इनके पिता का नाम श्री केशव भटट था। ये दक्षिण के तिरूकुदूर नामक क्षेत्र में रहते थे। …

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इतिहास की सबसे सुंदर स्त्री क्या आप शिमला भूतिया टनल नंबर 33 के बारे में यह जानते हैं? क्या आप भूतों के रहने वाले इस कुलधरा गांव के बारे में जानते हैं? भूत की कहानी | bhoot ki kahani क्या आप जानते हैं कैलाश पर्वत का ये रहस्य? क्या आप जानते हैं निधिवन का ये रहस्य – पूरा पढ़िए
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