मत्स्य अवतार की कथा

मत्स्य अवतार फोटो

भारतीय धार्मिक इतिहास में अवतारवाद के एक विशिष्ट सिद्धांत ने भारतीयों को एक विशिष्ट जीवन-शक्ति तथा आशावादिता भी प्रदान की, जिसके कारण वे विभिन्न संकटों तथा विपत्तियो को यह विश्वास रखते हुए झेल सकें कि वर्तमान विपत्ति की घड़ी कुछ …

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स्कन्द पुराण में आयी श्री जगन्नाथ जी की कथा

श्री जगन्नाथ जी

स्कन्द पुराण के अनुसार सत्यवादी तथा धर्मात्मा राजा इन्द्रद्युम्न ने एक बार अपने पुरोहित से कहा “आप उस उत्तम क्षेत्र का संधान करें, जहां हमें साक्षात जगन्नाथ अवतार के दर्शन मिलें।” तब एक तीर्थ यात्री के मुख से श्री क्षेत्र …

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देवी शताक्षी कौन हैं, देवी शाकम्भरी कौन हैं और देवी दुर्गा कौन हैं

देवी शाकम्भरी कौन हैं

प्राचीन समय की बात है, दुर्गम नाम का एक महान दैत्य था जिसकी आकृति बहुत ही भयंकर थी। उसका जन्म हिरण्याक्ष के वंश में हुआ था तथा उसके पिता का नाम रूरू था। ब्रह्मा जी के वरदान से दुर्गम महाबली …

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आदि शक्ति सती कौन थीं, उनका भगवान शंकर से विवाह कैसे हुआ, और पिता दक्ष द्वारा अपने पति के अपमान की वजह से उन्होंने अपने प्राण कैसे त्याग दिए

माँ आदि शक्ति सती कौन हैं

माँ आदि शक्ति सती कौन हैं  आदि शक्ति ‘सत’  रूप, ‘ज्ञान’ रूप और ‘आनंद’ रूप हैं । जिस तरह अंधकार सूर्य पर कभी कोई प्रभाव नहीं डाल सकता, वैसे ही आदि शक्ति में अणु मात्र भी अज्ञान सम्भव नहीं है, …

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वायुदेव के अवतार श्री मध्वाचार्य जी की कथा

श्री मध्वाचार्य जी

श्री भगवान नारायण की आज्ञा से स्वयं वायुदेव ने ही भक्ति सिद्धांत की रक्षा के लिये तमिलनाडु प्रान्त के मंगलूर जिले के अन्तर्गत उडुपी क्षेत्र से दो – तीन मील दूर वेललि ग्राम में भार्गवगोत्रीय नारायण भटट के अंश से …

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दस महाविद्या के प्राकट्य की कथा

दस महाविद्या के प्राकट्य की कथा

आद्य शक्ति भगवती जगदम्बा ‘विद्या’ और ‘अविद्या’ – दोनों ही रूपों में विद्यमान हैं। अविद्या रूप में वह प्राणियों के मोह की कारण हैं तो विद्या रूप में मुक्ति की। भगवती जगदम्बा विद्या या महाविद्या और भगवान सदाशिव विद्यापति के …

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लक्ष्मी जी के प्रकट होने की कथा

लक्ष्मी जी के प्रकट होने की कथा

देवी की जितनी शक्तियां मानी गयी हैं, उन सबका मूल रूप महालक्ष्मी ही हैं जो सर्वोत्कृष्ट पराशक्ति हैं। वह ही समस्त विकृतियों की प्रधान प्रकृति हैं। सारा विश्व प्रपंच महालक्ष्मी से ही प्रकट हुआ है। चिन्मयी लक्ष्मी समस्त पतिव्रताओं की …

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शुम्भ, निशुम्भ, चण्ड, मुण्ड और रक्तबीज का वध देवी ने किस प्रकार किया

शुम्भ, निशुम्भ, चण्ड, मुण्ड और रक्तबीज का वध देवी ने किस प्रकार किया

महामुनि मेधा ने राजा सुरथ और समाधि वैश्य को महा सरस्वती का चरित्र इस प्रकार सुनाया। प्राचीन काल में शुम्भ और निशुम्भ नामक दो परम पराक्रमी दैत्य उत्पन्न हुए थे। तीनों लोकों में उनका भय व्याप्त हो गया था। उनके …

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शिव पार्वती विवाह की कथा

शिव पार्वती विवाह

कर्म काण्ड का अबाधित महत्त्व है। इससे अभ्युदय तो होता है, किंतु यह ब्रह्म का स्थान ग्रहण नहीं कर सकता। प्रकृति ब्रह्म की बहिरंग शक्ति हैं। वह जब स्वयं ब्रह्म के सम्मुख नहीं जा सकती, तब अपने उपासकों को ब्रह्म …

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भ्रामरी देवी के अवतार की कथा

भ्रामरी देवी के अवतार की कथा

पूर्व समय की बात है, अरूण नाम का एक पराक्रमी दैत्य था। देवताओं से द्वेष रखने वाला वह दानव पाताल में रहता था। उसके मन में देवताओं को जीतने की इच्छा उत्पन्न हो गयी, अतः वह हिमालय पर जाकर भगवान् …

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