विक्रमादित्य ने इस विवाद का समाधान किया कि मनुष्य जन्म से बड़ा होता है या कर्म से
सिंघासन बत्तीसी की तेईसवी पुतली धर्मवती ने राजा भोज को, विक्रमादित्य की कथा सुनाना प्रारम्भ किया | एक बार राजा विक्रमादित्य अपनी राजसभा में बैठे हुए थे और सभागणों से बातचीत कर रहे थे । बातचीत के उसी क्रम में …