भगवान् नरसिंह के अवतार, भक्त प्रह्लाद एवं हिरण्यकशिपु के वध की कहानी
बहुत पुरानी बात है, उस समय सत्य युग चल रहा था | एक बार भगवन ब्रह्मा के मानस-पुत्र सनकादि, जिनकी आयु हमेशा पंचवर्षीय बालक की-सी ही रहती है, वैकुण्ठ लोक में जा पहुँचे । वे भगवान् विष्णु के पास जाना …