महरौली का लौह स्तम्भ
रहस्यों का पावन देश भारत ! इसकी राजधानी नई दिल्ली के महरौली नामक स्थान पर एक ऐसा लोहे का स्तम्भ है जिसका रहस्य आज तक वैज्ञानिक नहीं समझ सके हैं | लगभग सात मीटर ऊँचे इस लौह-स्तम्भ में संस्कृत में …
रहस्यों का पावन देश भारत ! इसकी राजधानी नई दिल्ली के महरौली नामक स्थान पर एक ऐसा लोहे का स्तम्भ है जिसका रहस्य आज तक वैज्ञानिक नहीं समझ सके हैं | लगभग सात मीटर ऊँचे इस लौह-स्तम्भ में संस्कृत में …
हम सभी को पता है कि हमारे सौर-मंडल में एक ही सूर्य (Sun) है और वही इस धरती पर (और अगर इस सौर-मंडल के किसी और ग्रह पर जीवन है तो उस पर भी) जीवन पनपने का मुख्य कारण है …
ईश्वरचन्द जी एक सरकारी विभाग में कर्मचारी थे | एक आज्ञाकारी पुत्र और धर्मपत्नी के साथ उनका जीवन सुखमय बीत रहा था | उनकी पत्नी, दूसरी संतान को जन्म देने जा रही थी लेकिन प्रसव के समय परिस्थितियाँ बिगड़ गयी …
दुनिया भर के लोगों की भविष्यवाणियाँ एक तरफ़ और नास्त्रेदमस (Nostradamus) की भविष्यवाणियाँ दूसरी तरफ़, कहना मुश्किल है किस पर लोग ज्यादा यकीन करेंगे लेकिन इतना तो तय है कि भविष्यवाणियों की दुनिया में जितना प्रसिद्ध नाम नास्त्रेदमस का है …
मनुष्य जीवन रहस्यों से भरा है | और इसमें सबसे रहस्यमय है मानव मन जो हमें, हमारी चेतना के विस्तार की असीम संभावनायें प्रदान करता है | लेकिन वही मन, कई बार हमारे द्वारा किये जाने वाले रहस्यमय व्यवहार के …
प्रसिद्ध जापानी कम्पनी, फूजी टेलीविजन नेटवर्क इनकारपोरेशन के डायरेक्टर्स का ग्रुप भारत आया हुआ था | ये बात हो रही है सन 1968 की है | जापानी कम्पनी, फूजी उस समय अपने उत्कर्ष पर थी | यहाँ जब उन्हें पता …
जिस अमेरिका को हम सब आज जानते हैं, वो वास्तव में एक बड़ी ही रहस्यमय जगह है | अनोखे शिला-चित्र, अद्भुत प्राचीन निर्माण और परग्रही उड़नतश्तरियों के एक से बढ़कर एक हैरत अंगेज़ नज़ारे अपने आप में इस बात के …
ब्रह्माण्ड और प्रति-ब्रह्माण्ड “तुम लोगों ने शास्त्रों में जिन विद्याओं के नाम मात्र सुने हैं, वे तथा उनके अतिरिक्त और भी न मालूम कितनी और हैं ?” इसी प्रकार बातें होते-होते शाम हो चली थी | पास में ही घड़ी …
बचपन से हम ‘पारस पत्थर’ की कहानियाँ सुनते चले आएं हैं कि इस जादुई पत्थर में लोहे को सोने में बदल देने की ताक़त थी | ये बात और है कि न तो हम में से किसी ने पारस पत्थर …
महर्षि चित्र ने अपने गुरुकुल में यज्ञ-आयोजित किया था । ऋत्विक् के लिये उन्होंने महर्षि उद्दालक को आमंत्रित किया लेकिन उद्दालक कुछ समय के लिये समाधि लेकर अन्तरिक्ष के कुछ रहस्यों का अध्ययन करना चाहते थे इसलिये उन्होंने अपने पुत्र …