भगवान के कल्कि अवतार की कथा
भगवान विष्णु का कल्कि अवतार सर्व व्यापक भगवान विष्णु सर्व शक्तिमान हैं। वे सर्व स्वरूप होने पर भी चराचर जगत के सच्चे शिक्षक-सदगुरू हैं। वे साधु-सज्जन पुरूषों के धर्म की रक्षा के लिये, उनके कर्म का बंधन काट कर उन्हें …
भगवान विष्णु का कल्कि अवतार सर्व व्यापक भगवान विष्णु सर्व शक्तिमान हैं। वे सर्व स्वरूप होने पर भी चराचर जगत के सच्चे शिक्षक-सदगुरू हैं। वे साधु-सज्जन पुरूषों के धर्म की रक्षा के लिये, उनके कर्म का बंधन काट कर उन्हें …
भगवान् बलराम क्या हर द्वापर यग में अवतार लेते हैं? भगवान श्री कृष्ण का अवतार तो पिछले द्वापर में, इस मन्वन्तर के सत्ताईस कलियुगों के पश्चात हुआ था। वैसे द्वापर युग में पृथ्वी का भार हरण करने तो भगवान बलराम …
महर्षि दुर्वासा कौन थे महर्षि दुर्वासा कौन थे, वास्तव में वो ब्रह्मर्षि, महा तपस्वी तथा धर्मात्मा भगवान शंकर के ही अवतार रूप हैं। पौराणिक आख्यानों, तथा लौकिक जगत में महर्षि दुर्वासा को उनके महा क्रोधी स्वभाव के लिए ही अधिक …
भगवान काल भैरव देवराज इन्द्र जिनके पावन चरण कमलों की भक्तिपूर्वक निरंतर सेवा करते हैं, जो व्यालरूपी विकाराल यज्ञ सूत्र धारण करने वाले हैं, जिनके ललाट पर चंद्रमा शोभायमान है, जो दिगम्बर स्वरूपधारी हैं, कृपा की मूर्ति हैं, नारद आदि …
महादेव, भगवान् शिव की वंदना ‘जोे परमानन्दमय हैं, जिनकी लीलाएं अनन्त हैं, जोे ईश्वरों केे भाी ईश्वर, सर्वव्यापक, महान, गौरी के प्रियतम तथा कार्तिकेय और विघ्नराज गणेश के जो पिता हैं, उन आदि देव शंकर की मैं वंदना करता हूं।’ …
कौन थे महर्षि दधीच? इस संसार में जब भी कभी महान त्याग, तपस्या, दान, परोपकार एवं लोक कल्याण के लिये आत्म दान की बात आयेगी, वहां महर्षि दधीचि का नाम बड़े ही आदर से लिया जायेगा। महर्षि दधीचि भृगु वंश …
बहुत प्राचीन काल की बात है | उन दिनों राजा, महाराजा धार्मिक हुआ करते थे | वे अपनी प्रजा का पुत्रवत पालन किया करते थे और ब्राह्मणों का सत्कार किया करते थे | उन्ही दिनों भद्रायु नाम के एक महा …
अवतार शब्द किससे बना है उपसर्गपूर्वक तृ धातु से ‘अवतार’ शब्द बना है। शाब्दिक रूप से समझे तो, ‘उच्च स्थान से नीचे स्थान पर उतरना’, इसे ‘अवतार’ कहते हैं। अवतार किसका? कब? और किसलिये होता है? इन प्रश्नों के उत्तर …
“संसार के प्राणी अत्यन्त दुःखी हैं दयाधाम!” देवर्षि नारद गोलोक में सत्कार स्वीकार करके आसन पर आसीन हो गये थे और कुशल-प्रश्न का अवकाश दिये बिना ही उन्होंने स्वतः प्रार्थना प्रारम्भ कर दी “आपकी अहैतु की कृपा के अतिरिक्त उनका …
हमारे सनातन धर्म के शास्त्रों तथा पौराणिक ग्रंथों में जहां भगवान के विभिन्न अवतारों का वर्णन मिलता है, वहीं वर्तमान काल की तरह भगवान श्री कृष्ण के काल अर्थात द्वापर युग में भी एक नकली अवतार का रोचक वर्णन श्रीमद …