ग्रैंड पैरोडी टावर्स, इस इमारत में भूतों का बसेरा है
एक वह समय था जब लोग-बाग इस इमारत में हंसी खुशी रहते थे। लेकिन न जाने कब एक भूत ने इस अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल पर अपना डेरा जमा लिया और तभी से शुरू हो गया यहाँ अनहोनी घटनाओं के …
एक वह समय था जब लोग-बाग इस इमारत में हंसी खुशी रहते थे। लेकिन न जाने कब एक भूत ने इस अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल पर अपना डेरा जमा लिया और तभी से शुरू हो गया यहाँ अनहोनी घटनाओं के …
अधिकांश मंदिरो में देवी की मूरत का मुख सामने की तरफ होता है। लेकिन एक ऐसा मंदिर भी है जहाँ माँ काली देवी का मस्तक ऊपर आकाश की ओर है। दूसरे शब्दों में कहें तो यहाँ माता काली खेचरी मुद्रा …
कभी- कभी ऐसी घटनायें हो जाती है जिस पर किसी का भी आसानी से विश्वास कर पाना मुश्किल होता है। ऐसी ही, साल 2020 के,मार्च क़े महीने की एक घटना है। यह किस्सा है उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले क़े …
मंदिर शब्द जुबान पर आते ही हमारे मन-मष्तिस्क में ऐसे स्थान की तस्वीर बन जाती है जो दीवारों से घिरी होगी ओर जहाँ मूर्ति स्थापित होगी। लेकिन हम जिस मंदिर की बात करने जा रहे हैं वह अदभुद है। वहाँ …
अपने कार्य के प्रति समर्पित डॉक्टर की कहानी तो आपने बहुत सुनी होगी। लेकिन किसी डॉक्टर की आत्मा के द्वारा मरीज की जान बचाने की कहानी सुनने में बिल्कुल अविश्वसनीय सी लगती है। लेकिन उस छोटे से अस्पताल में जिन …
गिरधर गोपाल श्रीवास्तव के परिवार में छह लोगों की संख्या थी। गिरधर ओर उनकी पत्नी, दो बच्चे और गिरधर के माता-पिता। गिरधर की छोटी सी प्राइवेट नौकरी थी। गिरधर क़े पिता रेलवे विभाग से रिटायर हुये थे। गिरधर की छोटी …
खौफनाक मंजर का दूसरा नाम है राजस्थान के जैसलमेर का कुलधरा गाँव, जहाँ की मिट्टी में पिछ्ले 170 सालों से एक रहस्य दफन है। वह राज यह है कि कुलधरा गाँव के सभी ग्रामवासी रातों -रात कहां गायब हो गये? …
यह कहानी है एक भूतिया कब्रिस्तान की। यदि इस जगह को हम भूत -प्रेतों की बस्ती कहें तो अतिशियोक्ति नहीं होगी। क्योंकि यह वह स्थान है जहाँ प्रेत -आत्मायें रात-दिन मंडराती रहतीं हैं। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई, जहाँ एक पारसी …
दो साल पहले की घटना है। मैं ओर मेरा ममेरा भाई देवेश राजस्थान के भानगढ़ का किला घूमने आये थे। हम लोगों ने भानगढ़ किले की डरावनी कहानियां बहुत सुन रखीं थीं। यहाँ भूत-प्रेत आत्माओं के भटकने के किस्से सुन-सुन …
शुक्ल यजुर्वेद (7।42) – में प्रत्यक्ष देव भगवान भुवन भास्कर की महिमा के विषय में कहा गया है कि “जो तेजोमयी किरणों के पुंज हैं; मित्र, वरूण, अग्नि आदि देवताओं एवं समस्त जगत के प्राणियों के नेत्र हैं और स्थावर …