महाभारत युद्ध में धृतराष्ट्र के पुत्रों तथा दुर्योधन के भाइयों का संहार भीम ने किस प्रकार किया था

महाभारत युद्ध के सत्रहवें दिन भयंकर मारकाट मची थी | धृतराष्ट्र संजय से बोले “संजय ! भीमसेन ने जो कर्ण को रथ की बैठक में गिरा दिया, यह तो उन्होंने बड़ा दुष्कर काम किया । उसी के भरोसे दुर्योधन मुझ …

Read more

महाभारत में क्या कर्ण के पुत्रों का संहार भीमसेन ने किया था

महाभारत युद्ध में दोनों तरफ सेनाये सजी हुई खड़ीं थीं | कर्ण अपने सेनापतित्व में दूसरे दिन के युद्ध के लिए तत्पर खड़ा था | कर्ण ने पाण्डवों का अनुपम व्यूह देखा, जो शत्रु सेना का आक्रमण सहने में सर्वथा …

Read more

महाभारत के युद्ध में राजा शल्य ने कर्ण का सारथी बनना क्यों स्वीकार किया, क्या राजा शल्य कर्ण से भी बड़े और महान योद्धा थे

महाभारत के युद्ध में राजा शल्य ने कर्ण का सारथी बनना क्यों स्वीकार किया

जैसे-जैसे महाभारत युद्ध का अंत नज़दीक आ रहा था, राजा धृतराष्ट्र केवल चिंता और शोक में डूबते जा रहे थे | उस दिन राजा धृतराष्ट्र ने संजय से पूछा-संजय ! इसके बाद दुर्योधन ने क्या किया? वह मन्दबुद्धि तो कर्ण …

Read more

क्या महाभारत युद्ध में युधिष्ठिर ने दुर्योधन को पराजित करने के बाद भी उसके प्राण नहीं लिए

क्या महाभारत युद्ध में युधिष्ठिर ने दुर्योधन को पराजित करने के बाद भी उसके प्राण नहीं लिए

भारत वर्ष के राजा धृतराष्ट्र ने पूछा-संजय ! तुमने कहा कि युधिष्ठिर ने महारथी दुर्योधन को रथहीन कर दिया था, सो उसके बाद उन दोनों का किस प्रकार युद्ध हुआ? इसके सिवा तीसरे पहर का रोमांचकारी युद्ध भी कैसे-कैसे हुआ? …

Read more

उलूक-युयुत्सु, श्रुतकर्मा-शतानीक, शकुनि-सुतसोम और शिखण्डी-कृतवर्मा में महाभारत का भयानक युद्ध हुआ, अर्जुनके द्वारा अनेकों वीरों का संहार तथा दोनों ओर की सेनाओं में घमासान युद्ध

अर्जुनके द्वारा अनेकों वीरों का संहार

महाभारत युद्ध अपने अंतिम दौर में पहुँच चुका था और धृतराष्ट्र की उत्सुकता अपने चरम पर थी | युद्ध का हाल बताते हुए संजय ने उनसे कहा “राजन् ! एक ओर आपका पुत्र युयुत्सु कौरवों की भारी सेना को खदेड़ …

Read more

क्या अश्वत्थामा ने महाभारत युद्ध में श्रीकृष्ण और अर्जुन को पराजित किया था

अश्वत्थामा

महाभारत युद्ध के बीच में दण्ड धार धृतराष्ट्र ने संजय से पूछा “संजय ! अर्जुन का संशप्तकों तथा अश्वत्थामा के साथ किस प्रकार युद्ध हुआ ? संजय ने कहा “महाराज ! सुनिये, संशप्तकों की सेना समुद्र के समान दुर्लङ्घ्य थी, …

Read more

महाभारत में, अश्वत्थामा और भीमसेन के बीच हुए युद्ध में कौन विजयी हुआ

महाधनुर्धारी कर्ण के महाभारत युद्ध में सेनापति बनने के बाद, महाभारत युद्ध का आँखों देखा हाल बताते हुए, धृतराष्ट्र से संजय कहते हैं “राजन् ! अब महान् धनुर्धर कर्ण ने अपने तीखे बाणों से पाण्डव-सेना का संहार आरम्भ कर दिया …

Read more

महाभारत युद्ध का एक रहस्यमयी महा योद्धा जो वीरता में अर्जुन के सामान था, तथा जिसने कौरव सेना में खलबली मचा दी थी और दुर्योधन तथा उसके मित्रों को आतंकित कर दिया था

महाभारत युद्ध का एक रहस्यमयी महा योद्धा

महाभारत युद्ध का सजीव विवरण बताते हुए संजय धृतराष्ट्र से कहते हैं-महाराज ! अर्जुन ने मंगल ग्रह की भाँति वक्र और अति-वक्र गति से चलकर बहुसंख्यक संशप्तकों का संहार कर डाला । अनेकों पैदल, घुड़सवार, रथी और हाथी अर्जुन के …

Read more

पांडवों और कौरवों के गुरु द्रोणाचार्य की मृत्यु के बाद महाभारत युद्ध में क्या हुआ, क्या कर्ण ने मकर व्यूह की रचना की थी, उसकी मकर व्यूह रचना में कौन-कौन से योद्धा थे और कहाँ खड़े थे

bhimsen aur kshemdhoorti ka yuddh

गुरु द्रोणाचार्य के मारे जाने से दुर्योधन आदि राजा बहुत घबरा गये, शोक से उनका उत्साह नष्ट हो गया था । वे द्रोण के लिये अत्यन्त शोक करते हुए द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा के पास आकर बैठ गए और कुछ …

Read more

महाभारत युद्ध में म्लेच्छों के राजा का वध किसने किया था, क्या दुशासन को सहदेव ने पराजित किया था और नकुल को कर्ण द्वारा अत्यंत लज्जाजनक हार का सामना करना पड़ा था

महाभारत युद्ध में म्लेच्छों के राजा का वध किसने किया था

संजय कहते हैं-महाराज ! आपके पुत्र की आज्ञा से बड़े-बड़े हाथी सवार हाथियों के साथ ही क्रोध में भरकर धृष्टद्युम्न को मार डालने की इच्छा से उसकी ओर बढ़े । पूर्व और दक्षिण देश के रहने वाले गज-युद्ध में कुशल …

Read more