जब पाण्डवों को विवश हो कर वारणावत की यात्रा के लिए निकलना पड़ा तो विदुर ने सांकेतिक और गुप्त भाषा में उन्हें खतरे से आगाह क्या
दुर्योधन की कुटिल चालों के अनुसार जब धृतराष्ट्र ने पाण्डवों को वारणावत जाने की आज्ञा दे दी, तब दुरात्मा दुर्योधन को बड़ी प्रसन्नता हुई उसने अपने मन्त्री पुरोचन को एकान्त में बुलाया और उसका दाहिना हाथ पकड़कर कहा, “भाई पुरोचन …