प्राचीन बेबीलोन के रहस्यमय लटकते बगीचे


Hanging_Gardens_of_Babylonआज के आधुनिक वैज्ञानिक एवं पुरातत्वविद, प्राचीन काल की जिन शानदार संरचनाओं को नहीं समझ पाते, उन्हें वे प्राचीन विश्व के आश्चर्यों में से एक गिनते हैं | ये बिलकुल उसी तरह का धोखा है कि यदि आप किसी परीक्षा में फेल हो जाएँ तो अपने अभिवावकों को ये समझाने की कोशिश करें कि प्रश्नपत्र ही सिलेबस से बाहर का था |

प्राचीन बेबीलोन का रहस्यमय झूलता बाग़ (Hanging Garden) कुछ इसी तरह का धोखा था | प्राचीन समय से विशेषज्ञों में ये जानने की उत्सुकता रही है कि बेबीलोन (आज के समय का इराक) के हैंगिंग गार्डन नाम से मशहूर इन बगीचों को कई मंजिली छतों पर बिना मिट्टी के कैसे उगाया गया होगा और ये जड़ों के पृथ्वी में गए बिना कैसे लटकते रहे होंगे ।

इन लटकते बगीचों को दुनिया के सात प्राचीन आश्चर्यों में शामिल किया गया है । यद्यपि उन रहस्यमय झूलते बागों का, प्राचीन अवशेषों में सिर्फ़ ज़िक्र मिला है, आज तक वहां की खुदाई करने वाले पुरातत्वविदों को इस विवरण से मिलने वाले बगीचे के अवशेष नहीं मिल पाए हैं |

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लेकिन ऐसा कोई चमत्कृत कर देने वाला बाग़ था, इसके होने के लिखित दस्तावेज मिलते हैं और इतिहासकार इस बारे में एकमत हैं कि ये लटकने वाले बगीचे वास्तव में थे । प्राचीन बेबीलोन का यह हैंगिंग गार्डन, अपने विभिन्न प्रकार के वृक्षों, अद्भुत झाड़ियों एवम मनोहर लताओं के साथ कई स्तर वाले बगीचों की एक चढ़ाई श्रृंखला के साथ तकनिकी की एक चमत्कृत कर देने वाली उपलब्धि के रूप में, प्राचीन लेखों में वर्णित है | आकार में इतना विशाल था कि यह पूरे एक हरे पहाड़ जैसा दीखता था |

इन बगीचों के बारे में ये प्रचलित है कि इनको राजा नेबुचद्नेज्ज़र II (Nebuchadnezzar II) ने अपनी पत्नी रानी एमाइटिस, जो की मीडिया देश की राजकुमारी थी, को प्रसन्न करने के लिए बनवाया था । कहा जाता है कि रानी एमाइटिस उसके महल में अक्सर दुखी और उदास रहती थी उसे अपने राज्य की हरी-भरी पहाड़ियाँ एवं घाटियाँ याद आती थी |

सम्राट नेबुचद्नेज्ज़र II (Nebuchadnezzar II) ने रानी को प्रसन्न करने के लिए, हैंगिंग गार्डन के रूप में एक अद्भुत संरचना का निर्माण कराया और साथ ही बनवाया “द मार्बल ऑफ़ मैनकाइंड” नाम का एक भव्य महल |

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राजा नेबुचद्नेज्ज़र II ने लगभग 605 ईसा पूर्व से 562 ईसा पूर्व तक, बेबीलोन पर, लगभग 43 वर्षों तक शासन किया । बेबीलोन में उस समय असीरियन सभ्यता राज कर रही थी |

नेबुचद्नेज्ज़र II, असीरियन सभ्यता का एक शक्तिशाली सम्राट था | उसके पिता नेबोपोलेस्सर (Nabopolassar), प्राचीन-मध्य युग के नव-निर्मित असीरियन साम्राज्य में एक अधिकारी थे जिन्होंने 620 ईसा पूर्व के आस-पास अपने आप को, पूरे असीरियन साम्राज्य का सम्राट घोषित कर दिया और बागडोर अपने हाँथों में ले ली |

कहते हैं कि उनके पुत्र, सम्राट नेबुचद्नेज्ज़र II (Nebuchadnezzar II) का शासन काल, असीरियन सभ्यता के स्वर्णिम युगों में से एक था | बेबीलोन के हैंगिंग गार्डन के विषय में सबसे प्राचीन विवरण, 290 ईसा पूर्व में, एक बेबीलोनियन पुजारी बेरोसस के लेख में मिलता है |

एक ग्रीक इतिहासकार डायरोर्डस सिकलस ने इनका वर्णन करते हुए बताया है कि ये 400 फीट लम्बा और 400 फीट चौड़ा वर्गाकार बगीचा था और ये लगभग 60 मीटर की ऊंचाई पर स्थित था । डायरोर्डस के अनुसार बड़े पेड़ों की जड़ को विकसित करने के लिए इनके आधार में पर्याप्त गहराई दी गई थी और बागों को पास की यूफ्रेट्स नदी से सिंचित किया गया था ।

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ऐसे में नदी से उस ऊंचाई तक पानी ले जाकर इनकी सिंचाई की व्यवस्था करना भी अद्भुत रहा होगा । इसके निर्माण काल के समय के, बेबीलोनियन वासियों के दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि हैंगिंग गार्डन क्या वास्तव में एक निर्माण था या सिर्फ गाथाओं में इसका ज़िक्र भर है | नेबुचद्नेज्ज़र II (Nebuchadnezzar II) के कई साहसिक कार्यों, विजय अभियानों का विवरण अन्य लेखों में उपलब्ध है लेकिन कहीं भी ऐसे किसी निर्माण कार्य का वर्णन नहीं है |

इससे प्रतीत होता है कि यह रहस्यमय झूलते बगीचे, नेबुचद्नेज्ज़र II के शासन काल से भी प्राचीन समय के हो सकते हैं | पुरातत्ववेत्ताओं का मानना है कि ये बगीचे इराक में बगदाद के दक्षिण में रहे होंगे और इराक में पुराने समय से लगातार चल रहे युद्धों के कारण ये नष्ट हो गए । वहीँ कुछ दूसरे विशेषज्ञों का मानना है कि ईसा से दो शताब्दी पूर्व आये एक भयानक विनाशकारी भूकंप के कारण ये बगीचे नष्ट हुए ।

1899 और 1917 के बीच एक जर्मन पुरातत्वविद् रॉबर्ट कोल्डेवे ने बगदाद के दक्षिण में डायरोर्डस सिकलस के बताये हुए हैंगिंग गार्डन जैसे दिखने वाले बगीचों का पता लगाया । परन्तु ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टेफनी डैली ने अपने 18 साल के शोध के बाद यह निष्कर्ष दिया कि यह बगीचे बगदाद के दक्षिण में ना होकर उत्तर मेसोपोटामिया (इराक) में रहे होंगे और इन्हें वहां पर बसे हुए अस्सीरियनों ने बनवाया होगा ।

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इनमें बड़ी संख्या में विविध प्रकार के बड़े पेड़, जड़ी बूटियां और लतायें शामिल थे । स्टेफनी की इस व्याख्या को इस बात से भी बल मिलता है कि अस्सीरियन राज्य में ऊँची दीवारों पे शानदार बगीचे होने के दस्तावेज मिले हैं । अस्सीरियन सम्राट सेन्कैरिब (Sennacherib) के किले में पहाड़ों को काट कर नहरें निकाली गयीं हैं जिनसे ऊँची जगहों और छतों पे सिंचाई संभव लगती है ।

इस तकनीक के कारण ही धूल भरे तपते गर्मी के मौसम में भी हरे भरे बाग बगीचे उगाने संभव हो पाए होंगे । यह व्यवस्था एक ऐसा आश्चर्यजनक कलात्मक प्रभाव पैदा करती है जो उनके पूर्ववर्ती राजाओं की व्यवस्था से कई गुना बेहतर थी । यह सिंचाई व्यवस्था पानी की इंजीनियरिंग का एक शानदार उदहारण है ।

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इन बगीचों की सम्राट सेन्कैरिब (Sennacherib) के काल की कई तसवीरें ब्रिटिश संग्रहालय में सुरक्षित हैं पर उन्हें प्रदर्शित नहीं किया जाता है (पर ऐसा क्यों है, ये भी एक रहस्य बना हुआ है | पता नहीं वे क्या छिपाना चाहते हैं) । इसीलिए आज के ज्यादातर इतिहासकार और पुरातत्वविद्, अस्सीरियन सम्राट सेन्कैरिब (Sennacherib) के किले की ऊँची दीवारों और मीनारों पर उगाए गए पेड़ पौधों को ही हैंगिंग गार्डन मानते हैं, परन्तु ये भी अब पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं ।

हैंगिंग गार्डन सात अजूबों में से इकलौता ऐसा है, जिसके निश्चित प्रमाण अभी तक पाए नहीं जा सके हैं । एक सम्भावना ये भी हो सकती है कि असल में ये बगीचे कभी रहे ही ना हों । पिछले दो दशकों में, बेबीलोन और नीनेवेह दोनों को युद्धों और लूटपाट से बड़ा भारी नुकसान हुआ है और इस भयंकर तबाही से सब कुछ नष्ट होने के कारण ऐसा लगता नहीं है कि भविष्य में यह रहस्य कभी भी पूरी तरह से सुलझ जाएगा ।