क्या है मृत्यु ?
मृत्यु क्या है ? इसका उत्तर कई दृष्टिकोण से दिया जा सकता है लेकिन क्या कभी किसी ने मृत्यु को देखा है या मृत्यु को साक्षात अनुभव किया है इस का सकारात्मक उत्तर दुनिया में विरले लोगों के पास ही …
मृत्यु क्या है ? इसका उत्तर कई दृष्टिकोण से दिया जा सकता है लेकिन क्या कभी किसी ने मृत्यु को देखा है या मृत्यु को साक्षात अनुभव किया है इस का सकारात्मक उत्तर दुनिया में विरले लोगों के पास ही …
कोई सौ, डेढ़ सौ साल पहले जब आत्मा ईश्वर और पुनर्जन्म के सम्बन्ध में चर्चा चलती तो उस जमाने के नव-बुद्धिजीवी और वैज्ञानिक काफ़ी उछल कूद मचाते (आज के पाखण्डी, वामपंथी बुद्धिजीवियों की तरह) और एक विशेषज्ञ की तरह इस …
दुनिया के नृशंसतम हत्या कांड का जब भी ज़िक्र होगा, पोलैंड स्थित हिटलर के औशोविट्ज़ डेथ कैंप (Auschwitz Death Camp) में नात्ज़ियों द्वारा किया गया यहूदियों का भीषण नरसंहार ज़रूर सामने आएगा | हिटलर द्वारा स्थापित औशोविट्ज़ डेथ कैंप वो …
तीसरा व अन्तिम भाग… इन प्रणव रुपी सूर्य की दो अवस्थाएं हैं | एक अवस्था में इनकी रश्मियाँ चारो ओर विकीर्ण यानि फैली हुई हैं और दूसरी अवस्था में इनकी समस्त रश्मियाँ संहृत होकर मध्यबिंदु में विलीन हो गयी हैं …
बरमूडा ट्रायंगल के बारे में, दुनिया भर के साइंस जर्नल्स, पत्र पत्रिकाओं, समचार पत्रों आदि में काफ़ी कुछ लिखा जा चुका है | ये विषय अब केवल वैज्ञानिकों की ही दिलचस्पी का नहीं रहा बल्कि आम जनमानस भी इसमें पर्याप्त …
सनातन धर्म की साधना पद्धतियों में से किसी भी संप्रदाय, या मत की साधना पद्धति ऐसी नहीं है जिसमे कि मुद्रा का विधान न हो | मुद्रा अपने तात्विक स्वरुप में वह नहीं है जैसा अपने बाह्य रूप में दिखायी …
कल्पना कीजिए कि आप किसी विमान में सफ़र कर रहे हों और आपका सामना बिलकुल असामान्य परिस्थितियों में किसी घोषित भूत या प्रेत से हो जाए, तो आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी ? स्पष्ट है कि प्रतिक्रिया भी असामान्य होगी | …
फ्रांस के एक शहर में उड़नतश्तरी देखी गयी’, ‘अमेरिका में कुछ चश्मदीदों ने एलियंस को देखने का दावा किया’, ‘भारत के इस शहर में आदिकाल से स्थित सरोवर में आज भी रात को एलियंस उतरते हैं’, इस तरह की ख़बरें …
कोर्डोबा, स्पेन के परेरा परिवार में उस समय चीख-पुकार मच गयी, जब उनके रसोईघर के फ़र्श पर रहस्यमय और डरावनी आकृतियाँ उभरने लगी | परेरा परिवार, समृद्ध परिवार था | आय का मुख्य साधन लम्बी-चौड़ी खेती-बाड़ी थी लेकिन 23 अगस्त …
प्रकृति की बनायी इस सृष्टि में जहाँ हमारी पहुँच नहीं, अक्सर उनका रहस्य हमें आकर्षित करता है | प्राचीन काल के मानवों को उड़ने वाले पक्षी चकित कर दिया करते थे, क्योकि वो स्वयं उड़ नहीं सकता था | उसे …