महाभारत में अश्वत्थामा ने क्या प्रतिज्ञा की थी, अश्वत्थामा से युद्ध करते हुए जब धृष्टद्युम्न के प्राण संकट में पड़े तो उसे किसने बचाया
महाभारत का युद्ध अपने चरम पर था, उसी समय दुर्योधन ने कर्ण के पास जाकर कहा “राधानन्दन ! यह युद्ध स्वर्ग का खुला हुआ दरवाजा है, जो हमें स्वतः प्राप्त हो गया है । सौभाग्यशाली क्षत्रियों को ही ऐसा युद्ध …