द्रौपदी की लाज बचाने के लिए जब भगवान कृष्ण ने वस्त्र के रूप में अवतार लिया
अवतार की अवधारणा सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग रही है। अवतारवाद हमारी आस्था, श्रद्धा और भावना तो है ही, साथ ही एक उच्च आदर्श परम्परा भी है। ‘सम्भवामि युगे युगे’-यह श्री भगवान का बहुत स्पष्ट उदघोष है। साधुजनों का संरक्षण, …