पंचतन्त्र की कहानियाँ-नीले रँगे सियार का जब भेद खुला तो उसे अपनी जान से हाँथ धोना पड़ा
एक वन में एक सियार रहता था । सियार बड़ा ही चालाक और धूर्त था । वह दिन-भर तो छिपा रहता था, पर जब रात होती तो शिकार के लिए बाहर निकलता और बड़ी ही चालाकी से छोटे-छोटे जीवों को …