गुरु द्रोणाचार्य की आज्ञा से अर्जुन ने द्रुपद की नगरी में हाहाकार मचा दिया और द्रुपद को बंदी बनाकर द्रोणाचार्य के पास ले गए

गुरु द्रोणाचार्य की आज्ञा से अर्जुन ने द्रुपद की नगरी में हाहाकार मचा दिया

जब द्रोणाचार्य ने देखा कि सभी राजकुमार अस्त्रविद्या के अभ्यास में पूर्णतः निपुण हो चुके हैं, तब उन्होंने निश्चय किया …

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भीमसेन ने बकासुर का वध क्यों और किस प्रकार किया, क्या उन्हें इसके लिए माता कुन्ती ने आज्ञा दी थी

भीमसेन ने बकासुर का वध क्यों और किस प्रकार किया, क्या उन्हें इसके लिए माता कुन्ती ने आज्ञा दी थी

वारणावत के बाद युधिष्ठिर आदि पाँचों भाई अपनी माता कुन्ती के साथ एकचक्रा नगरी में रहकर तरह-तरह के दृश्य देखते …

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द्रुपद की पुत्री द्रौपदी के स्वयंवर का भव्य आयोजन, द्रुपद के मन में अर्जुन को अपना दामाद बनाने की प्रबल लालसा का होना

द्रुपद की पुत्री द्रौपदी के स्वयंवर का भव्य आयोजन

जब नर-रत्न पाण्डव अपनी माता के साथ राजा द्रुपद के श्रेष्ठ देश, उनकी पुत्री द्रौपदी और उसके स्वयंवर-महोत्सव को देखने …

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वेदव्यास जी के द्वारा समझाने पर द्रुपद का, द्रौपदी के साथ पाँचों पाण्डवों के विवाह का निर्णय

द्रौपदी के साथ पाँचों पाण्डवों के विवाह का निर्णय

धर्मराज युधिष्ठिर की बात सुनकर द्रुपद की आँखें प्रसन्नता से खिल उठीं । आनन्द मग्न हो जाने के कारण वे …

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कौरव पाण्डव जिस कुरु वंश में जन्मे थे उसके प्रवर्तक सम्राट कुरु कौन थे, क्या उनके नाना भगवान सूर्य थे

कौरव पाण्डव जिस कुरु वंश में जन्मे थे उसके प्रवर्तक सम्राट कुरु कौन थे

जन्मेजय को महाभारत कथा सुनाते हुए वैशम्पायन जी कहते हैं “जनमेजय ! गन्धर्व के मुख से ‘तपतीनन्दन’ सम्बोधन सुनकर अर्जुन …

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क्या महर्षि च्यवन के पौत्र ऋषि रुरु ने अपनी आधी आयु, अपनी मृत पत्नी को दे कर उसे जीवित किया था और क्या रुरु ने ही अपनी, सर्पों के विनाश की प्रतिज्ञा के चलते महर्षि सहस्त्रपाद को सर्पयोनी से मुक्त किया था

क्या महर्षि च्यवन के पुत्र ऋषि रुरु ने अपनी आधी आयु

उग्रश्रवा जी कहते है “ब्रह्मन् ! भृगु पुत्र च्यवन ने अपनी पत्नी सुकन्या के गर्भ से एक पुत्र को जन्म …

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अर्जुन का धर्मराज युधिष्ठिर से क्षमा माँगना तथा उनके सामने कर्ण के वध की प्रतिज्ञा करना

अर्जुन का धर्मराज युधिष्ठिर के सामने कर्ण के वध की प्रतिज्ञा करना

महाभारत युद्ध के बीच जब श्री कृष्ण के समझाने पर अर्जुन ने धर्मराज युधिष्ठिर का अपमान कर दिया तो युधिष्ठिर …

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महाभारत युद्ध के बीच में कर्ण और शल्य के बीच हुए वाकयुद्ध का क्या परिणाम निकला

महाभारत युद्ध के बीच में कर्ण और शल्य के बीच हुए वाकयुद्ध का क्या परिणाम निकला

कुरुक्षेत्र के मैदान में होने वाले महाभारत के युद्ध से अत्यंत दूर बैठे संजय ने धृतराष्ट्र से कहा “महाराज ! …

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द्रोणाचार्य ने अर्जुन को कौन से अमोघ शक्ति दी, उसका क्या नाम था और क्या-क्या क्षमतायें थी

द्रोणाचार्य ने अर्जुन को कौन से अमोघ शक्ति दी

महाभारत काल में जब द्रोणाचार्यन अर्जुन, भीम, युधिष्ठिर आदि पांडवों तथा दुर्योधन आदि कौरवों को अस्त्र और शस्त्र शिक्षा दे …

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रंगमण्डप में अर्जुन ने विचित्र और मायावी हथियारों का प्रदर्शन किया, उसे कर्ण से महान चुनौती मिली और वंश को लेकर अन्य लोगों से अपमानित हुए कर्ण को दुर्योधन को अंगदेश का शासक बनाया

रंगमण्डप में अर्जुन ने विचित्र और मायावी हथियारों का प्रदर्शन किया

परीक्षित नंदन जन्मेजय को महाभारत कथा सुनाते हुए वैशम्पायन जी कहते हैं “जनमेजय ! द्रोणाचार्य ने राजकुमारों को अस्त्रविद्या में …

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