व्यासजी द्वारा पांडवों को द्रौपदी के पूर्वजन्म के बारे में बताना

Draupadi

परीक्षित नंदन जन्मेजय को महाभारत की कथा सुनते हुए वैशम्पायन जी कहते हैं-जनमेजय ! द्रौपदी के जन्म की कथा और …

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कर्ण वध के पश्चात्, दुर्योधन का पाण्डव सेना में अपना पराक्रम दिखाना, अपनी भागती हुई सेना को प्रेरित करते हुए एकत्रित करने का असफल प्रयास करना और अंत में घोर विलाप करना

Duryodhana

कर्ण वध के पश्चात्, युद्ध स्थल का आँखों देखा हाल बताते हुए संजय धृतराष्ट्र से कहते हैं-महाराज ! उस समय …

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महाभारत युद्ध के अंतिम दिन, भीम से परास्त हो कर दुर्योधन मृत्यु के कगार पर पहुँच गया, उसे अत्यंत दीन अवस्था में देखकर अश्वत्थामा ने पांचालों के वध की शपथ ली और कृपाचार्य ने उसका सेनापति के पद पर अभिषेक किया

महाभारत युद्ध के अंतिम दिन, भीम से परास्त हो कर दुर्योधन मृत्यु के कगार पर पहुँच गया

महाभारत युद्ध के अंतिम दिन जब भीम ने दुर्योधन को गदा युद्ध में परास्त करके उसका मान-मर्दन करते हुए उसे …

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हिडिम्बा कौन थी, उस परम सुन्दरी राक्षसी का विवाह भीमसेन से कैसे हुआ, उन दोनों का पुत्र घटोत्कच क्या परम बलिशाली तथा मायावी था

हिडिम्बासुर का वध करने के बाद भी, उसकी बहन हिडिम्बा राक्षसी को पीछे आते देखकर भीमसेन ने कहा, “हिडिम्बे ! …

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हिडिम्बासुर कौन था, क्या वो बलवान राक्षस पाण्डवों को खाने आया था, और भीमसेन ने उसका वध किस प्रकार किया

हिडिम्बासुर कौन था, क्या वो बलवान राक्षस पाण्डवों को खाने आया था

अपने वन गमन के दौरान जिस वन में युधिष्ठिर आदि सो रहे थे, उससे थोड़ी ही दूर पर एक शाल-वृक्ष …

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कर्ण वध के पश्चात् पूरे कौरव पक्ष में मरघट का सन्नाटा छा गया

कर्ण वध के पश्चात् पूरे कौरव पक्ष में मरघट का सन्नाटा छा गया

अर्जुन द्वारा कर्ण का वध हो जाने के पश्चात् कौरव पक्ष में मरघट सा सन्नाटा था । समस्त कौरव सूतपुत्र …

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कर्णवध के समाचार से प्रसन्न हुए युधिष्ठिर ने कृष्ण और अर्जुन की जमकर प्रशंसा की

महाभारत युद्ध के सत्रहवें दिन जब अर्जुन ने कर्ण का वध कर दिया तो कौरव सेना में हाहाकार मच गया …

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पाण्डवों के वारणावत के लिए निकल जाने पर क्या विदुर ने पहेलियों की भाषा में युधिष्ठिर को सब समझा दिया था कि क्या होने वाला है और उससे कैसे बचना है

पाण्डवों के वारणावत के लिए निकल जाने पर क्या विदुर ने पहेलियों की भाषा

दुष्ट दुर्योधन की योजना के अनुसार जब धृतराष्ट्र ने पाण्डवों को वारणावत जाने की आज्ञा दे दी, तब दुरात्मा दुर्योधन …

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विदुर की चतुराई भरी सहायता से पाण्डव अपनी माँ कुंती के साथ लाक्षाभवन से सकुशल निकलने में सफल हुए और घनघोर जंगल में पहुंचे

विदुर की चतुराई भरी सहायता से पाण्डव अपनी माँ कुंती के साथ लाक्षाभवन se

जलते हुए लाक्षागृह से सकुशल बच निकलने के पश्चात् पांडव और कुंती सुरंग द्वारा जंगल में गंगा किनारे निकले | …

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दुर्योधन और धृतराष्ट्र ने छल से पाण्डवों और कुन्ती को वारणावत भेजा

दुर्योधन और धृतराष्ट्र ने छल से पाण्डवों और कुन्ती को वारणावत भेजा

जब दुर्योधन ने देखा कि भीमसेन की शक्ति असीम है और अर्जुन का अस्त्र-ज्ञान तथा अभ्यास विलक्षण है । उसका …

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