शिवपुराण, पद्मपुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण, लिंगपुराण, स्कन्दपुराण व अन्य पुराणों में उपलब्ध भगवान् गणेश के प्राकट्य की कहानियां
ब्रह्माण्ड से परे क्षीरसागर (Milky way) में शेष शय्या पर लेटे हुए श्रीनारायण और उनके चरण पखारती देवी लक्ष्मी को छोड़कर सभी देवता प्रत्येक कल्प की समाप्ति पर नारायण में ही समाहित हो जाते हैं और नये कल्प के संधिकाल …