वेदव्यास जी के द्वारा समझाने पर द्रुपद का, द्रौपदी के साथ पाँचों पाण्डवों के विवाह का निर्णय
धर्मराज युधिष्ठिर की बात सुनकर द्रुपद की आँखें प्रसन्नता से खिल उठीं । आनन्द मग्न हो जाने के कारण वे कुछ भी बोल न सके । द्रुपद ने ज्यों-त्यों करके अपने को सम्हाला और युधिष्ठिर से वारणावत नगर के लाक्षा-भवन …