भगवान राम और भगवान कृष्ण के अवतारों का विशिष्ट वर्णन
वैदिक ग्रंथों के अनुसार वेद अनंत कोटि ब्रह्मण्ड नायक भगवान के निःश्वास से उद्भूत हैं। इस आशय को गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी कहा है| सृष्टि के आदि में ब्रह्मा जी से उत्पन्न राजर्षि मनु के ‘भूतं भव्यं भविष्यं च …