मेक्सिको के निःशब्द क्षेत्र का रहस्य


Zona-del-Silencioमेक्सिको अपने ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों, एवं स्वादिष्ट व्यंजनों के अलावा रहस्यमय स्थानों के लिए भी विश्व-विख्यात है | यहाँ बोल्सों डी मैपिमी (Bolson de Mapimi) के निकट एक मरुस्थलीय भूमि का टुकड़ा है जिसे ‘निःशब्द क्षेत्र’ या The Silent Zone कहते हैं | स्थानीय भाषा में इसे La Zona Del Silencio कहते हैं | अपने नाम के अनुरूप यह क्षेत्र, यहाँ, तकनीकि उपकरणों से होने वाले किसी भी वार्तालाप या सम्प्रेषण (Communication) को, रहस्यमय तरीके से निगल जाता है जिस वजह से यहाँ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण काम करना बंद कर देते हैं | वैज्ञानिक इसका कोई ठोस कारण अभी तक नहीं ढूंढ पाए हैं | फिलहाल ऐसी परिस्थितियों की वजह के केंद्र में जो तथ्य है वो है, इस जगह का असाधारण रूप से रेडियो एक्टिव होना |

इस क्षेत्र की पहली रहस्यमय घटना सन 1940 के दशक में घटी जब इस क्षेत्र के ऊपर उड़ रहे एक विमान के पायलट फ्रांसिस्को सराबिया (Francisco Sarabia) ने, इस क्षेत्र में उड़ने के दौरान अपने साथ होने वाले अजीबोगरीब अनुभवों के बारे में बताया | उसने बताया कि उसके वैमानिक उपकरण उसके नियंत्रण से बाहर होकर विचित्र तरीके से व्यवहार कर रहे थे और उसके विमान ने किसी भी प्रकार का सिग्नल भेजना और प्राप्त करना बंद कर दिया था | बाद में उसने किसी तरह से अपनी जान बचाई |

दूसरी घटना जुलाई 1970 में घटी जब अमेरिकी सेना ने, अपने नियमित सैन्य अभ्यास के अंतर्गत, ग्रीन रिवर (Green River), उटा (Utah) स्थित अपने सैन्य अड्डे से वाइट सैंड मिसाइल क्षेत्र (White Sand Missile Range) की तरफ एक मिसाइल दागी | दागे जाने के कुछ ही सेकंड्स के बाद अमेरिकी सैन्य अड्डे ने मिसाइल से अपना नियंत्रण खो दिया और मिसाइल मैपिमी के मरुस्थलीय क्षेत्र में जा गिरी |

दुर्घटना के कारणों को जानने के लिए अमेरिकी वायुसेना ने मेक्सिको की सरकार से अनुरोध किया तो मेक्सिकन गवर्नमेन्ट ने अमेरिकी वायुसेना के अधिकारियों को उस इलाके की छानबीन और शोध करने की अनुमति प्रदान की | कहा जाता है कि उस राकेट में दो छोटे कंटेनर थे जिनमे कोबाल्ट का समस्थानिक Cobalt57 भरा था जो की एक उच्च रेडियोधर्मी तत्व है |

लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल इतने से ही कोई मिसाइल अपने निर्धारित पथ को त्याग कर किसी दूसरे पथ पर नहीं मुड़ सकती | वैज्ञानिको ने अपने शोध में पता लगाया है कि वहाँ किसी भी प्रकार का कोई सिग्नल, चाहे वो रेडियो एक्टिव हो या विद्युत्चुम्बकीय, काम नहीं कर सकता | शोधकर्ता बताते हैं कि उच्च रेडियोधर्मी होने के साथ-साथ इस जगह के शक्तिशाली चुम्बकीय क्षेत्र की वजह से यहाँ एक प्रकार का ‘अन्धकार क्षेत्र’ (Dark Zone) बनता है जो रहस्यमय तरीके से यहाँ हर प्रकार के विद्युत्चुम्बकीय सम्प्रेषण (Electromagnetic Communication) को निगल जाता है |

यह जगह उल्कापिंडों के गिरने की भी जगह रही है जो इसके शक्तिशाली चुम्बकीय क्षेत्र होने की वजहों में से एक है |1970 की घटना के बाद से मेक्सिको की सरकार ने वहाँ कई सारे शोध भवन बनाए हैं जो वहाँ होने वाली हर असामान्य घटना पर पैनी नज़र रखे हुए हैं | जानकार बताते हैं कि वहाँ की सरकार पूरा सत्य नहीं बता रही |

दरअसल उनका मानना है कि वहाँ शोध करने वाले वैज्ञानिक जिन तथ्यों पर वास्तव में शोध कर रहे हैं उनके बारे में बाकी दुनिया को अधिक अंदाज़ा नहीं है | उनके इस अनुमान के पीछे कुछ वजहें हैं जैसे वहाँ विचित्र प्रकाश से घिरी हुई वस्तुओं का प्रकट होना और डिस्क जैसे आकार की उड़नतश्तरियों का दिखना आदि |

वहाँ के स्थानीय लोगों का दृढ़ विश्वास है कि ये जगह दूसरी दुनिया के परग्रही एलियंस के आने-जाने का द्वार भी है | वहाँ, खेतों पर काम करने वालों ने उन विचित्र प्रकाशों और असामान्य अजनबियों को देखा है जिनके बारे में कहा जाता है कि वो ऊपर आसमान से आये हैं | वास्तव में, उनमे से तीन, सुनहरे बालों वाले अजनबियों को कई स्थानीय लोगों ने देखा है जिनके अजीब से दिखने वाले विमान जब कभी उनके खेतों पर उतरें है, उस स्थान की पूरी फसल जल कर काली हो गयी है |

इस स्थान का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि भौगोलिक रूप से यह मिस्र के पिरामिड और कुख्यात बरमूडा ट्रायंगल के सामानांतर है | आधिकारिक रूप से, इस स्थान पर परग्रही गतिविधियों के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं लेकिन यहाँ के स्थानीय लोग, ना समझ आने वाली कई असाधारण घटनाओं के गवाह बने हैं |

यद्यपि यह स्थान बरमूडा ट्रायंगल तो नहीं है क्योंकि यहाँ वस्तुएं गायब नहीं हो रही लेकिन यहाँ, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के होने वाले असामान्य व्यवहार और वैज्ञानिकों की निरंतर उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि यहाँ सब कुछ ‘सामान्य’ नहीं है | वैसे भी डार्क जोन में कई राज दफ़न होते हैं और मामला अगर परग्रही गतिविधियों का हो तो ज्यादातर लोग उससे दूर रहना ही बेहतर समझते हैं

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