श्री सनकादि मुनि कौन हैं, उनके श्राप से हिरण्यकशिपु, हिरण्याक्ष, रावण, कुम्भकर्ण और शिशुपाल आदि जैसे राक्षस कैसे पैदा हुए
जगतपिता परमेश्वर के अध्यक्षता में प्रकृति द्वारा रची गयी सृष्टि के प्रारम्भ में लोकपितामह ब्रह्मा ने विविध लोकों को रचने की इच्छा से तपस्या (उद्योग) की । लोकस्रष्टा के उस अखण्ड तप से प्रसन्न होकर विश्वाधार परमप्रभु ने ‘तप’ अर्थवाले …