श्री वल्लभाचार्य जी कौन थे

श्री वल्लभाचार्य जी कौन थे

श्री महाप्रभु जी श्री वल्लभाचार्य जी अवतरित होकर इस धराधाम पर पधारे और उन्होंने अपने बताये भगवत्सेवा-स्मरण तथा ज्ञानोपदेश से दिग्भ्रमित भारतवासियों के जीवन को रसमय और आनंदमय बना दिया। उन्होंने अपने ‘चतुःश्लोकी’ में कहा है कि सच्चिदानन्द प्रभु श्री …

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गरुड़ भगवान कौन थे, उनकी उत्पत्ति कैसे हुई?

bhagwan ka garudavatar

भगवान श्री हरि के वाहन और उनके रथ की ध्वजा में स्थित विनता नन्दन गरूड़ भगवान विभूति हैं। वे नित्य मुक्त और अखण्ड ज्ञान सम्पन्न हैं। उनका विग्रह सर्ववेदमय है, उनके पंख बृहत और रथन्तर हैं, उड़ते समय जिस से …

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गया तीर्थ स्थल में भगवान विष्णु का अवतार

भगवान विष्णु का गदाधर-अवतार

फल्गु नदी के अंत के रमणीय तट पर श्री विष्णु भगवान एवं माता मंगलागौरी जी के दिव्य स्थान से सुशोभित पितरो का उद्धार करने वाले , तीर्थ गया को भारतीय तीर्थों में सबसे उत्तम स्थान प्राप्त है। गया में भगवान …

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श्री कृष्ण की राधा कौन थीं

श्री कृष्ण की राधा कौन थीं

श्री कृष्ण की राधा जी कौन थीं, इस सम्बन्ध में पुराणों में आख्यान बिखरे पड़े हैं | ‘अनया राधितो नूनं भगवान हरिरीश्वरः’-इस वचन के द्वारा श्री शुकदेव जी ने श्रीमद भागवत के दशम स्कन्ध में परोक्ष रूप से श्री राधिका …

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श्रीमद भागवत भगवान श्री राधा कृष्ण का अवतार है

श्री राधा कृष्ण

भगवान के अवतार से तात्पर्य है-‘अवति भक्तांस्तारयति पतितांश्चेति अवतारः।’ अर्थात भक्तों की रक्षा करना और पापियों का उद्धार करना उन भगवान के अवतार का मुख्य प्रयोजन है। भगवान के असंख्य अवतार हैं, ‘अवतारा ह्यासंख्येयाः’ (श्रीमद0 1।3।26)। ब्रह्मा जी ने भगवान …

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रहस्यमय संसार वृक्ष क्या है, पुराणों में इसका वर्णन किस प्रकार से हुआ है

रहस्यमय संसार वृक्ष

भगवान श्री कृष्ण भगवत गीता में कहते हैं कि वे समस्त वृक्षों में पीपल के वृक्ष हैं और देवर्षियों में नारद हैं। इसके बाद पुनः श्रीमद भागवत में वे कहते हैं-वनस्पतियों में मैं पीपल और धन्यों में यव (जौ) हूं। …

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द्रौपदी की लाज बचाने के लिए जब भगवान कृष्ण ने वस्त्र के रूप में अवतार लिया

द्रौपदी की लाज बचाने के लिए जब भगवान कृष्ण ने वस्त्र के रूप में अवतार लिया

अवतार की अवधारणा सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग रही है। अवतारवाद हमारी आस्था, श्रद्धा और भावना तो है ही, साथ ही एक उच्च आदर्श परम्परा भी है। ‘सम्भवामि युगे युगे’-यह श्री भगवान का बहुत स्पष्ट उदघोष है। साधुजनों का संरक्षण, …

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भगवान के व्यूहावतार, वासुदेव, संकर्षण, प्रद्युम्न एवं अनिरूद्ध की कथा

भगवान के व्यूहावतार, वासुदेव, संकर्षण, प्रद्युम्न एवं अनिरूद्ध की कथा

परब्रह्म परमेश्वर प्रकृति और प्रकृति द्वारा निर्मित इस जगत से परे हैं और प्रकृतिमय भी हैं। इस प्रकार उनकी दो विभूतियां हैं-एक त्रिपाद्विभूति है और दूसरी एकपाद्विभूति | त्रिपाद्विभूति को नित्यविभूति और एकपाद्विभूति को लीलाविभूति भी कहा गया है। एकपाद्विभूति …

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नर्मदा जी के अवतरण की कथा

नर्मदा जी के अवतरण की कथा

नर्मदा मैया का अवतरण इस ब्रह्म सृष्टि में पृथ्वी पर नर्मदा मैया का अवतरण तीन बार हुआ है। प्रथम बार पाद्यकल्प के प्रथम सतयुग में, दूसरी बार दक्षसावर्णि मन्वन्तर के प्रथम सयतुग में और तृतीय बार वर्तमान वैवस्वत के प्रथम …

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क्या हनुमान जी में इतना बल था कि वो रावण, कुम्भकर्ण आदि को पराजित करके उनका वध कर सकते थे ?

हनुमान जी

सृष्टि के संहारक भगवान रूद्र ही अपने प्रिय श्री हरि की सेवा का पर्याप्त अवसर प्राप्त करने तथा कठिन कलिकाल में भक्तों की रक्षा की इच्छा से ही पवन देव के औरस पुत्र और वानरराज केसरी के क्षेत्रज पुत्र हनुमान …

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इतिहास की सबसे सुंदर स्त्री क्या आप शिमला भूतिया टनल नंबर 33 के बारे में यह जानते हैं? क्या आप भूतों के रहने वाले इस कुलधरा गांव के बारे में जानते हैं? भूत की कहानी | bhoot ki kahani क्या आप जानते हैं कैलाश पर्वत का ये रहस्य? क्या आप जानते हैं निधिवन का ये रहस्य – पूरा पढ़िए
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