श्री कृष्णद्वैपायन, वेदव्यास जी की आज्ञा से वैशम्पायन जी का जनमेजय को महाभारत की कथा सुनाना
शौनक जी ने कहा, सूतनन्दन! महाभारत की कथा बड़ी ही पवित्र है। इस में पाण्डवों का यश गाया गया है। सर्प-सत्र के अन्त में जनमेजय की प्रार्थना से भगवान् श्रीकृष्णद्वैपायन ने वैशम्पायन जी को यह आज्ञा दी थी कि तुम …