घर के सदस्यों का सम्मान पाना चाहते हैं तो कभी भी उनकी गीली तौलिया का उपयोग न करें

घर के सदस्यों का सम्मान पाना चाहते हैं तो कभी भी उनकी गीली तौलिया का उपयोग न करें

तौलिये का हमारे जीवन में हमारे लिए महत्वपूर्ण स्थान है़। सुबह के उठने से लेकर रात के सोने तक हमारा तौलिये से संपर्क बना रहता है़। ऐसे में वास्तुशास्त्र में तौलिये से संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश दिये हैं। क्योंकि तौलिये …

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आपकी डोरबेल की तेज आवाज बिगाड़ सकती है घर की सेहत

आपकी डोरबेल की तेज आवाज बिगाड़ सकती है घर की सेहत

ध्वनि की प्रकृति दो प्रकार की होती है पहली कर्कश ध्वनि और दूसरी मधुर। प्रकृति में भी दो तरह की आवाजें हमारे आसपास विद्यमान है पहले कौए की तेज आवाज और  दूसरा कोयल का मीठा स्वर। आपसे यदि यह पूछा …

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कर्ण की उत्पत्ति कैसे हुई और महाभारत के सारे पात्र किन-किन देवता, दानव और असुरों के अंश से उत्पन्न हुए

महाभारत के सारे पात्र किन-किन देवता, दानव और असुरों के अंश से उत्पन्न हुए

जरासन्ध, शिशुपाल, शल्य, धृष्टकेतु और कंस पूर्व जन्म में कौन थे  वैशम्पायन जी कहते हैं, जनमेजय! अब मैं यह वर्णन करता हूँ कि किन-किन देवता और दानवों ने किन-किन मनुष्यों के रूप में जन्म लिया था। दानवराज विप्रचित्ति जरासन्ध और …

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जरत्कारु ऋषि की कथा और आस्तिक मुनि का जन्म

जरत्कारु ऋषि की कथा और आस्तीक का जन्म 1

शौनक ऋषि ने पूछा, सूतनन्दन! आपने जिन जरत्कारु ऋषि का नाम लिया है, उनका जरत्कारु नाम क्यों पड़ा था? उनके नाम का अर्थ क्या है और उनसे आस्तिक का जन्म कैसे हुआ? उग्रश्रवा जी ने कहा, ‘जरा’ शब्द का अर्थ …

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राजा परीक्षित की मृत्यु कैसे हुई

राजा परीक्षित

श्रीशौनक जी ने कहा-सूतनन्दन! राजा जनमेजय ने उत्तंक की बात सुनकर अपने पिता परीक्षित की मृत्यु के सम्बन्ध में जो पूछताछ की थी, उसका आप विस्तार से वर्णन कीजिये। उग्रश्रवा जी ने कहा-राजा जनमेजय ने अपने मन्त्रियों से पूछा कि …

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जन्मेजय का नाग यज्ञ

naag yagya

उग्रश्रवा जी कहते हैं, ‘शौनकादि ऋषियो! अपने पिता की मृत्यु का इतिहास सुनकर जनमेजय को बड़ा दुःख हुआ। वे क्रुद्ध होकर हाथ-से-हाथ मलने लगे। शोक के कारण उनकी लम्बी और गरम साँस चलने लगी। आँखें आँसू से भर गयीं। वे …

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आस्तिक मुनि का मंत्र क्या है, जन्मेजय के सर्प यज्ञ में क्या हुआ, तक्षक की जान कैसे बची

सर्प यज्ञ का निश्चय और आरम्भ

उग्रश्रवा जी कहते हैं, जनमेजय के यज्ञ में सर्पो का हवन होते रहने से बहुत से सर्प नष्ट हो गये केवल थोड़े से ही बच रहे। इस से वासुकि नाग को बड़ा कष्ट हुआ। घबराहट के मारे उनका हृदय व्याकुल …

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श्री कृष्णद्वैपायन, वेदव्यास जी की आज्ञा से वैशम्पायन जी का जनमेजय को महाभारत की कथा सुनाना

श्रीवेदव्यास जी की आज्ञा से वैशम्पायन जी का कथा प्रारम्भ करना

शौनक जी ने कहा, सूतनन्दन! महाभारत की कथा बड़ी ही पवित्र है। इस में पाण्डवों का यश गाया गया है। सर्प-सत्र के अन्त में जनमेजय की प्रार्थना से भगवान् श्रीकृष्णद्वैपायन ने वैशम्पायन जी को यह आज्ञा दी थी कि तुम …

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क्या देवता पृथ्वी पर उतरे थे

भूभार हरण के लिये देवताओं के अवतार ग्रहण के निश्चय

वैशम्पायन जी कहते हैं, जनमेजय! जमदग्निनन्दन परशुराम ने इक्कीस बार पृथ्वी के क्षत्रियों का संहार किया था। यह काम कर के वे महेन्द्र पर्वत पर चले गये और वहाँ तपस्या करने लगे। क्षत्रियों का संहार हो जाने पर क्षत्रियों की …

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क्या प्राचीन काल की अलौकिक जातियां जैसे देवता, दानव, राक्षस, विद्याधर, गन्धर्व, अप्सराएं आदि होती थीं, जानिए उनकी उत्पत्ति कैसे हुई

अप्सराएं

परीक्षित पुत्र जनमेजय जब वैशम्पायन ऋषि के आश्रम पर पहुंचे तो उन्होंने हाँथ जोड़कर वैशम्पायन जी से कहा “भगवन! मैं देवता, दानव, गन्धर्व, अप्सरा, मनुष्य, यक्ष, राक्षस और समस्त प्राणियों की उत्पत्ति सुनना चाहता हूँ। आप कृपा करके उसका प्रारम्भ …

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इतिहास की सबसे सुंदर स्त्री क्या आप शिमला भूतिया टनल नंबर 33 के बारे में यह जानते हैं? क्या आप भूतों के रहने वाले इस कुलधरा गांव के बारे में जानते हैं? भूत की कहानी | bhoot ki kahani क्या आप जानते हैं कैलाश पर्वत का ये रहस्य? क्या आप जानते हैं निधिवन का ये रहस्य – पूरा पढ़िए
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