सपने में मंदिर देखना

हमारी नींद में सपने क्यों आते हैं? सपनों के आने का वास्तविक कारण क्या है़ ? क्या उन सपनों का हमारे पूर्व जन्म या वर्तमान जन्म से कोई जुड़ाव होता है? नींद में दिखने वाले स्वप्न कितने सच होते हैं और कितने झूठ? हमारे जीवन से स्वप्नों का क्या संबंध है? कोई स्वप्न हमें क्या बताना चाहता हैं? ऐसे ही स्वप्न से जुड़े हुए तमाम प्रश्न हमारे मन-मस्तिष्क में उत्पन्न होते रहते हैं।

जब हम नींद में दिखने वाले इन विभिन्न स्वप्नों के रहस्य को जानेंगे तो आश्चर्यचकित रह जाएंगे। क्योंकि नींद में दिखने वाले यह स्वप्न कभी-कभी सुख और समृद्धि का द्वार खोलते हैं तो कभी हमें ये आने वाली मुसीबतों का संकेत भी देते हैं। कभी-कभी तो ऐसा भी होता है़ कि उन सपनों का हमारे जीवन से कोई लेना-देना नहीं होता है। सपने में मंदिर देखना कितना शुभ है और कितना अशुभ, आज हम इस बात की विस्तार से चर्चा करेंगे।

सीता जी के आँसू गिरे थे जहाँ श्री राम से बिछड़ के

जब हम आपसे यह प्रश्न करेंगे कि यह स्वप्न हमें कब आते हैं? तो निश्चित रूप से आपका जवाब होगा कि स्वप्न हमें तब आते हैं जब हम नींद में होते हैं। लेकिन आपका यह उत्तर शत प्रतिशत  सत्य नहीं है। वास्तव में सपने हमें उस अवस्था में दिखाई देते हैं जब हम न सो रहे होते हैं और न ही जाग रहे होते हैं।

मंदिर का सपना देखने से क्या होता है

यह एक विशेष प्रकार की मानसिक अवस्था होती है जो सोने और जागने के बीच की होती है। आध्यात्म की भाषा में इसे तुरीय अवस्था कहते हैं। जहाँ तक स्वप्न में मंदिर देखने का प्रश्न है़ तो हम लोग अपने स्वप्न में तरह-तरह के मंदिर को देखा करते हैं। मंदिर का सपना देखने से हमारे जीवन में अच्छा परिणाम भी उपस्थित हो सकता है और बुरा परिणाम भी।

ये इस पर निर्भर करता है कि हम सपने में किस प्रकार का मंदिर देखते हैं, अर्थात वो उजड़ा हुआ है या भव्य सजा हुआ है। सपने में हमने जिस मंदिर को देखा है वो अपने देवता या भगवान के साथ है या बिना देवता का मंदिर है, इस बात पर भी, मंदिर का सपना देखने का फल निर्भर करता है। इन सब के अतिरिक्त सपने में अलग-अलग देवता के मंदिर देखने के अलग-अलग फल होते हैं इसीलिए प्रत्येक मंदिरों के स्वप्न विचार की पृथक-पृथक चर्चा करेंगे।

सपने में देवी देवता देखने से क्या होता है

आम तौर पर लोग मानते हैं कि सपने में देवी देवता देखने से हमेशा अच्छा फल ही मिलता होगा किन्तु ऐसा नहीं है। कभ-कभी तो देवी देवता सपने में हमें संकेत देने आते हैं। कभी-कभी ये संकेत हमारे कर्मों से सम्बंधित होते है जिनमे वे हमारे बुरे कर्मों के प्रति सावधान कर रहे होते हैं और कभी-कभी ये संकेत हमारे उन प्रारब्ध से सम्बंधित होते है जिन्हे टाला नहीं जा सकता।

सपने में देवी देवता कभी-कभी हमें किसी जटिल समस्या का समाधान बताने भी आ जाते हैं जिन्हे हम सामान्य जीवन में नहीं सुलझा सकते। ये समाधान अक्सर एक पहेली के रूप में होते हैं जिन्हे सपने से जागने पर हम अकस्मात् ही सुलझा लेते हैं। लेकिन कई बार सपने में सुलझाई गयी उस जटिल समस्या का समाधान बिलकुल स्पष्ट होता है।

sapne me mandir dekhnaस्वप्न में देवी मंदिर देखना

यदि आप अपने स्वप्न में किसी देवी मंदिर को देखते हैं तो यह स्वप्न इस बात को बताता है कि आपका, नारी जाति के प्रति अपार श्रद्धा एवं सम्मान है। साथ ही स्वप्न में देवी मंदिर देखना यह संकेत देता है़ कि निकट भविष्य में आपके जीवन में किसी स्त्री विशेष से आपको लाभकारी सहयोग मिलने वाला है।

स्वप्न में देवी मंदिर का दिखना, देवी माँ द्वारा आपकी मनोकामना पूर्ण करने का भी संकेत देता है। स्वप्न में देवी मंदिर देखने के बाद आपको किसी शुक्रवार के दिन माँ दुर्गा देवी के मंदिर में जाकर उनको फूल-माला, लाल चुनरी, नारियल और मिष्ठान आदि अपनी श्रध्दा के अनुसार चढ़ाना चाहिए। साथ ही अपने सामर्थ्य के अनुसार 5 या 7 कन्याओं को भोजन कराना चाहिए। जिससे की भविष्य में भी देवी माँ की कृपा बनी रहे।

स्वप्न में शिव मंदिर देखना

यदि आप सपने में शिव मंदिर देखते हैं तो यह इस बात का संकेत है कि आपके लिए सफलता का द्वार खुलने वाला है। भगवान शिव आप पर अपनी कृपा बरसाने वाले हैं। आपके करीयर या व्यवसाय संबंधी समस्या का निराकरण होने वाला है़।

शिव मंदिर को स्वप्न में देखने के बाद आपको सोमवार के दिन शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल चढ़ाना चाहिए और शिवलिंग के सामने बैठकर पञ्चाक्षर मन्त्र ‘नमः शिवाय’ का जाप करना चाहिए। जिससे कि भगवान शंकर की कृपा जो आपको अभी तक नहीं मिल पाई है वह शीघ्र प्राप्त हो सके ।

उज्जैन का काल भैरव मंदिर, जिस मंदिर में प्रसाद के रूप में शराब बांटी जाती है

स्वप्न में हनुमान मंदिर देखना

स्वप्न में हनुमान मंदिर देखना इस बात का आभास कराता है कि अपने जीवन की विषम से विषम परिस्तिथियों का सामना करने के लिए आप मानसिक और शारीरिक रूप से बलवान हो चुके हैं। क्योंकि यह बल हनुमान जी ने आपको प्रदान कर दिया है। स्वप्न में हनुमान मंदिर देखने के बाद आप किसी मंगल या शनिवार के दिन हनुमान मंदिर जाकर बजरंगबली को बेसन के लड्डू चढ़ायें और पूरी श्रध्दा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करें।

सपने में टूटा हुआ मंदिर देखना

यदि आप स्वप्न में जीर्ण-क्षीर्ण स्थिति में पड़ा हुआ टूटा फूटा मंदिर देखते हैं तो यह आपके जीवन के लिए शुभ संकेत नहीं है। ऐसे में आपके जीवन में कोई समस्या आने वाली है। ऐसी स्थिति में आप कहीं निर्माण हो रहे किसी मंदिर में अपनी क्षमता के अनुसार कुछ धनराशि के दान से, आने वाली समस्या से मुक्ति पा सकते हैं।

बिना देवता वाला मंदिर देखना

यदि आप अपने स्वप्न में एक ऐसा मंदिर देखते हैं जिसमें उस मंदिर के देवी या देवता की मूर्ति नहीं है। तो यह भी आपके भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। यह स्वप्न आपको इस बात का संकेत देता है कि आपके इष्ट देवता आपसे प्रसन्न नहीं है। आपके किसी कार्य से देवी या देवता रुष्ट हैं। ऐसे मैं आपको यह स्मरण करना चाहिए कि आपने ऐसा कौन सा कार्य किया है। जो धर्म की दृष्टि से कदापि उचित नहीं है। इसके प्रायश्चित के लिए उपाय कर लेना चाहिए।

ऐसा मंदिर देखना जिसके कपाट बंद हो

यदि स्वप्न में आप ऐसा मंदिर देखते हैं जिसके कपाट बंद हों तो यह भी आपके लिए चिंतनीय है बल्कि ऐसे स्वप्न आपको यह बताते हैं कि यह समय आपके लिए अनुकूल नहीं है। ऐसी स्थिति में आपको किसी नये काम को करने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में आप हर सुबह पञ्चाक्षर मन्त्र ‘नमः शिवाय’ का जाप करें ताकि बुरा समय बिना किसी अनिष्ट के बीत जाये।

निष्कलंक महादेव का मंदिर जहाँ पांडवों ने भगवान शिव से अपने पापों के लिए क्षमा माँगी थी

स्वप्न में किसी प्रसिध्द प्राचीन मंदिर देखना

यदि आप अपने स्वप्न में बहुत प्रसिध्द प्राचीन मंदिर देखते हैं तो ऐसे में यह मान कर चलिए कि आप पर ईश्वर की कृपा होने वाली है। आपको धन-सम्पति या किसी मनचाही वस्तु का लाभ होने वाला है़। प्राचीन मंदिर का दिखाई देना शुभ लाभ का संकेत है़। ऐसी स्थिति में आपको भगवान विष्णु का ध्यान कर उनके सहस्त्र नामों का जाप करना चाहिए।

स्वप्न में भगवान कृष्ण का मंदिर देखना

स्वप्न में भगवान कृष्ण का मंदिर देखना अविवाहित स्त्री/पुरुषों के लिए विवाह के अवसर प्रदान करता है़। पति पत्नी के संबंधो में माधुर्य लाता है़। साथ ही प्रेम-प्रसंगों को गति प्रदान करता है़। भगवान श्री कृष्ण का मंदिर, स्वप्न में दिखने पर उन्हें माखन का भोग लगायें। इससे कल्याण होगा।

स्वप्न में गणेश भगवान का मंदिर देखना

स्वप्न में भगवान श्री गणेश का दिखना हमारे लिए अत्यंत शुभ होता है़। यह स्वप्न हमें इस बात का संकेत देता है़ कि हम यदि कोई भी नया काम करेंगे तो उसमें सफलता तय है़। भगवान गणेश का स्वप्न देखने पर उन्हें दूर्वा घास और मोदक चढ़ाये जाने चाहिए। इससे बल और बुद्धि का विकास होता है़।

स्वप्न में वह मंदिर दिखाई देना जहाँ आप जा चुके हैं

यदि आप स्वप्न में वह मंदिर देखते हैं जहाँ आप जा चुके हैं तो यह स्वप्न इस बात का संकेत है कि वहाँ के देवी या देवता आपको फिर बुला रहे होते हैं । उदाहरण के लिए यदि आप हर वर्ष मां वैष्णो देवी या पूर्णागिरि के धाम जाते हैं लेकिन व्यस्तता वश पिछले कई वर्षों से वहां नहीं जा पा रहे हैं तो ऐसे में वहां उस मंदिर के देवता स्वप्न के माध्यम से आपको पुकार रहे होते हैं।

छत्तीसगढ़ का भूतेश्वर नाथ मंदिर, जहाँ का शिवलिंग प्रतिवर्ष बढ़ता जा रहा है

आपको समय निकालकर उस तीर्थ पर जाने का प्रोग्राम अवश्य बनाना चाहिए। आपके स्वप्न में दर्शन किया हुआ मंदिर दिखाई देना इस बात का भी संकेत देता है कि आपने उस मंदिर के देवी या देवता से अपने किसी कार्य के लिए माँगी गई मनौती पूरी होने के बाद भी आपने उस मंदिर के देवता को धन्यवाद नहीं किया हैं। इसलिए ऐसे में यदि आपने उस मंदिर से जुड़ा हुआ कोई अनुष्ठान या पूजन बोला हुआ है तो वहाँ जाकर अवश्य पूर्ण करा लें।

स्वप्न में सफेद मंदिर देखना

यदि आप अपने स्वप्न में सफेद रंग का मंदिर देखते हैं तो यह इस बात का संकेत है कि आपको जाने-अनजाने प्रभु के दर्शन हो सकते हैं। क्योंकि इस समय प्रभु की आप पर असीम कृपा है़। ऐसी स्थिति में घर में विधिविधान से श्री रामचरितमानस का पाठ या देवी जागरण कराया जाना चाहिए। जिससे घर में सुख और समृद्धि का आगमन होता रहे।

एक बार भोपाल की श्रीमती अपर्णा खरे ने स्वप्न ने में एक देवी मंदिर देखा। उन्होंने यह भी देखा कि उस मंदिर की देवी की मूर्ति के आंखों से अश्रु की धारा बह रही है। श्रीमती अपर्णा खरे को यह स्वप्न देख कर बड़ा असहज लगा। वह उसी दिन नहा-धोकर अपने शहर के प्रसिद्ध देवी मंदिर मैं गई। वहां जाकर उन्होंने उस मंदिर की देवी को प्रणाम किया। लेकिन जब वह दर्शन करके वापस सीढ़ियों से उतर रही थी तो उन्होंने देखा कि एक छोटी लड़की सीढ़ियों पर बैठी रो रही है।

अपर्णा खरे ने उस रोती हुई बच्ची से उसके रोने का कारण पूछा, तो उसने बताया कि वह अपने घरवालों से बिछड़ गई है। श्रीमती अपर्णा खरे ने इस बात की सूचना मंदिर के पास के पुलिस स्टेशन पर लिखवाई और पुलिस स्टेशन से अनुमति लेकर उस बच्ची को अपने घर ले आयीं।

उसे प्यार से अपनी गोदी में बैठाया और खाने-पीने के लिए अच्छा-अच्छा सामान दिया। शाम को उस बच्ची के घर वाले उसे लेने आ गए। कहने का अर्थ यह है कि स्वप्न में देवी माँ श्रीमती अपर्णा खरे द्वारा उस लड़की की सहायता कराना चाहती थीं। इसीलिए उनके स्वप्न में आयीं थीं।

कुल मिलाकर निष्कर्ष के रूप में यह कहना है कि स्वप्न में मंदिर का देखना हमें आध्यात्मिक कार्यों से जोड़ना चाहता है ताकि हम प्रभु की उस कृपा को पा सकें। जिससे की हम वर्तमान में वंचित है।