कब्रिस्तान के ऊपर बना कॉल सेंटर जहाँ भूतों ने नौकरी कर ली

रोज़ी का भूतसमय के साथ शहरों का औधोगीकरण होता चला गया। खाली पड़ी जमीनों का इस्तेमाल कर लिया गया। ऐसी स्थिति में ऐसी जमीनें भी बिजनेस सेंटर बन गयीं जो पुराने समय में कब्रिस्तान की जगह हुआ करती थीं। अपने देश की राजधानी नई दिल्ली के निकट बसे गुड़गांव में ऐसा ही कुछ हुआ। यहाँ स्थित उद्योग विहार क्षेत्र में सैफ्रॉन कॉल सेंटर के नाम से एक बिजनेस पॉइंट खुला।

इंटरव्यू में भूत 

दरअसल यह सेंटर उस स्थान पर था जहाँ की जमीन पर पहले कब्रिस्तान हुआ करता था। जहाँ मृत व्यक्तियों के शरीर को दफनाया जाता था। जब यह कॉल सेंटर खुला तो ओपनिंग के पहले यहाँ काम करने के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू रखा गया। आपको यह जानकर शायद यकीन न हो लेकिन यह सच है़ कि उस दिन सैफ्रॉन कॉल सेंटर में जॉब पाने के लिए इस कॉल सेंटर की जमीन के नीचे दफनाये गये मृत व्यक्तियों की आत्माओं ने भी इंटरव्यू दिया ।

अनजाने में कुछ भूत-प्रेत की आत्माओं को नौकरी पर भी रख लिया गया। आइये जानते हैं कि इस कॉल सेंटर से जुड़ा भूत -प्रेतों को नौकरी देने का अजीबोगरीब  पूरा किस्सा क्या है़? यह भी जानते हैं कि भूतों को नौकरी देने के बाद कॉल सेंटर में कैसी -कैसी रहस्यमय घटनायें घटने लगीं।

उसके चेहरे में गजब का जादू था

बात वर्षों पुरानी है़। हरियाणा राज्य के गुड़गांव (अब गुरुग्राम) शहर में सैफरन कॉल सेंटर नाम का एक सर्विस सेंटर खोला गया था। कुछ ही दिनों बाद इसकी ओपनिंग होने वाली थी। इसलिए एक दिन इस सेंटर पर काम करने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू रखा गया। सेंटर के ऑफिसर्स इंटरव्यू ले रहे थे, कि तभी एक ऐसी लड़की इंटरव्यू देने ऑफिसर्स के सामने आयी, जिसके चेहरे में गजब का जादू था।

उसने अपना नाम रोज़ी बताया। उसकी आवाज में एक अजीब सा खिंचाव था। वह बोलती जा रही थी सेंटर के लोग उसे सुनते जा रहे थे। ऐसा लग रहा था कि उस लड़की ने सेंटर के सभी ऑफिसर्स को सम्मोहित कर लिया था। उस लड़की की कुछ बातें बड़ी ही रहस्यमय लग रहीं थीं। इंटरव्यू लेने वाले कॉल सेंटर के अधिकारियों को लग रहा था कि वह बहुत कुछ अपने बारे में छिपा रही है़।

वो रहस्यमय लड़की 

जैसे, उससे उसके एजुकेशन के बारे में पूछने पर वह अपनी शिक्षा को तीसों साल पुरानी बता रही थी। जबकि देखने में वह लड़की केवल अठारह-उन्नीस साल की यंग लग रही थी। सेंटर के ऑफिसर्स को उसके जवाब बड़े रहस्यमय लग रहे थे। इसी तरह जब इंटरव्यू में उसका रेजीडेंस पूछा गया, तो पहले उसने अपना एड्रेस कॉल सेंटर के नीचे बताया। फिर अपनी बात को संभालते हुये अपना दूसरा कुछ रेजिडेंशियल एड्रेस बताने लगी।

लेकिन सेंटर के ऑफिसर्स इंटरव्यू देने के लिए आयी रोज़ी नाम की उस लड़की के आकर्षण में कुछ इस तरह बंध गये थे कि वह उसे जॉब देने से मना नहीं कर पाये और रोज़ी नाम की उस लड़की को नौकरी पर रख लिया गया। उन्हें क्या पता था कि उन्होंने कब्रिस्तान की भूतनी को नौकरी पर रख लिया है़। कुछ ही दिनों में उस रोज़ी ने सबका दिल जीत लिया।

कॉल सेंटर की रहस्यमय घटनाएं 

क्योंकि उसकी आवाज कॉल सेंटर की वह आवाज थी, जिसने सारे स्टाफ को मंत्रमुग्ध कर दिया था। लेकिन रोजी नाम की वह लड़की कभी-कभी ऐसे काम करती थी कि लोग हैरान हो जाते थे। वह बातें करते-करते कमरे से अदृश्य हो जाती थी। लेकिन पूछने पर कहती कि कमरे में ही थी। स्टाफ के लोग सोचते कि शायद यह उनकी आँखो का भ्रम ही रहा होगा।

वह रोज़ी नाम की लड़की कॉल सेंटर में न कुछ खाती थी और न ही कुछ पीती थी। फिर भी वह हमेशा तरो ताजा नजर आती थी। उसे अधिकतर नाइट शिफ्ट की ड्यूटी ही पसंद थी। अन्य कर्मचारियों के न आने पर नाइट और डे दोनों शिफ्ट की ड्यूटी कर लेती थी। लोगों को आश्चर्य होता था कि वह सोती भी है या नहीं। जब लोग उससे पूछते थे कि रोज़ी तुम कब सोती हो? तो वह इस प्रश्न के जवाब में अपने दिलकश अंदाज में कहती कि हम जैसे लोगों के नसीब में सोना कहाँ?

कॉल सेंटर में बड़ी रहस्यमय घटनाएं घटने लगीं। एक बार की बात है़ कि एक साथ काम करने वाले  कर्मचारी को लगा कि जिस जगह रोजी नाम की लड़की बैठती थी वहाँ कोई 50 साल की बुजुर्ग महिला बैठी है़। लेकिन जैसे ही उस व्यक्ति ने कमरे में प्रवेश किया। वह पचास साल की स्त्री 18 वर्षीय रोज़ी में बदल चुकी थी। कॉल सेंटर के उस व्यक्ति को बड़ा आश्चर्य हुआ। लेकिन उसने वह बात मन में दबायी रखी। कितनी ही बार वहाँ के स्टाफ ने रोजी से अपने घर ले जाने की बात कही। लेकिन रोज़ी हर बार टालमटोल कर बहाना बना देती थी।

उसकी दुनिया से बुलावा आ गया 

उस दिन रोज़ी बहुत उदास थी। स्टाफ के लोगों ने रोजी से उसके दुख का कारण पूछा। लेकिन रोज़ी ने कुछ न बताया। लेकिन कुछ लोगों सें उसने यह जरूर कहा कि मुझे अपनी दुनिया में वापस जाना होगा। मेरा वहाँ से बुलावा आ गया है़। लोग उसकी यह अजीबोगरीब बात समझ नहीं पाये। लेकिन वास्तव में उस दिन के बाद रोज़ी कॉल सेंटर पर नहीं आयी।

एक सप्ताह बीता। दो सप्ताह बीत गये लेकिन रोज़ी वापस नहीं आयी। उसके बताये गए फोन नंबर रॉन्ग नंबर बता रहे थे। तब कॉल सेंटर के स्टाफ का एक व्यक्ति रोज़ी के बताये हुए एड्रेस पर उसके घर पहुँचा। तो वहाँ उसे जो कुछ जानकारियाँ मिलीं, उसको जानने के बाद उसके चेहेरे की हवाइयां उड़ गयीं। उस घर के लोगों ने बताया की हाँ यहाँ रोजी रहती थीं।

लेकिन उसकी मौत 35 साल पहले एक एक्सीडेंट में हो चुकी है़। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि उसके मृत शरीर को उद्योग विहार वाले कब्रिस्तान में ही दफनाया गया था। जिसके ऊपर अब सैफ्रॉन कॉल सेंटर स्थित है़। घर वालों ने बताया कि रोजी एक अच्छी लड़की थी। वह पढ़ाई-लिखाई में हमेशा आगे रहती थी। ग्रेजुएट करने के बाद वह नौकरी की तलाश कर रही थी कि एक सड़क दुर्घटना में उसकी मृत्यु हो गयी।

जब यह बात कॉल सेंटर के कर्मचारी ने सेंटर पर जाकर सबको बतायी तो उन्हें उसकी बात पर विश्वास नहीं हुआ। सैफ्रॉन कॉल सेंटर के सभी ऑफिसर्स रोज़ी के घर पर पहुँचे। उस घर की दीवार पर लगी रोज़ी की फोटो देखकर वह जान गये कि यह रोज़ी का ही घर है़। वह पैतीस साल पहले इस दुनिया से जा चुकी थी। सारी बातों की सच्चाई जानकर सैफ्रॉन कॉल सेंटर के मालिक के होश उड़ गये।

फिर वो नहीं आयी….

यह कल्पना करके वह बहुत भयभीत हो गये कि अब तक उनके कॉल सेंटर पर एक मृत लड़की की आत्मा नौकरी कर रही थी। रोज़ी के जाने के बाद कुछ और कर्मचारियों ने भी नौकरी छोड़ दी। अब लोगों को अंदेशा था कि रोज़ी के साथ-साथ नौकरी छोड़ने वाले लोग भी कहीं भूत -प्रेत तो नहीं थे ।

 गुड़गांव (अब गुरुग्राम) के रहने वाले लोगों का कहना है़ कि रोज़ी अब भी नजर आती है़, लेकिन कभी-कभी, बहुत कम । जो लोग उसे पहचानते हैं वह उसके करीब जाकर उससे कुछ बातें करना चाहते हैं। लेकिन वह तो रूह है़ अचानक दिखती है़ और फिर गायब हो जाती है़। रोज़ी की आत्मा उस कॉल सेंटर पर नौकरी करने क्यों आयी? फिर एक दिन कहाँ गायब हो गयी ? इस रहस्यमय कहानी को कोई सुलझा नहीं पाया है़।