आपके पर्स में रुपए पैसे के अतिरिक्त कोई अनिष्टकारी वस्तु तो नहीं

आपके पर्स में रुपए पैसे के अतिरिक्त कोई अनिष्टकारी वस्तु तो नहींआपकी जेब में पर्स एक चलती-फिरती तिजोरी है। इसलिये जेब के पर्स को कभी भी साधारण वस्तु समझने की भूल न करें। जिस प्रकार एक व्यवसायी अपने घर या दुकान पर रखी तिजोरी की पूजा-पाठ कर करता हैं। उसे लक्ष्मी का दर्जा देता हैं। उसी तरह आप भी अपनी जेब में रखने वाले पर्स को सम्मान पूर्वक रखें, क्योंकि पर्स में रखा धन लक्ष्मी के समान है।

लक्ष्मी देवी सर्वदा पूज्य है। इसलिए पर्स में लक्ष्मी को रोककर रखने के लिए उसके रखरखाव में बड़ी सावधानी की आवश्यकता है। यदि आप वास्तुशास्त्र के अनुसार अपने पर्स का उपयोग करते हैं तो यह पर्स आपकी धन में बढ़ोत्तरी करेगा और आपके अपव्यय को भी रोकेगा। इसके विपरीत पर्स के गलत रखरखाव से यदि उसमें वास्तु दोष उत्पन्न हो जाते है तो धन रखते ही पर्स जल्द से जल्द खाली होने लगता है। पर्स में रखे रुपए गुम हो सकते हैं।

पैसे एक के स्थान पर चौगुने ऐसे खर्च हो सकते हैं। कहने का अर्थ यह है कि यदि पर्स वास्तु शास्त्र के अनुसार नहीं रखा गया तो उसमें रखी लक्ष्मी शीघ्र से शीघ्र भागने का प्रयास करेगी क्योंकि लक्ष्मी उस स्थान पर नहीं रुक सकती जहाँ उसका सम्मान नहीं है। सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात अधिकांश रूप से यह देखने को मिलता है कि लोग अपने पास काले रंग के पर्स को अपनी जेब में रखते हैं जो शुभ नहीं है।

वास्तु के अनुसार यदि पर्स को काले रंग के स्थान पर किसी अन्य कलर का खरीदा जाये तो यह आपके लिए अच्छा होता है। लाल या मैरून कलर का पर्स धन रखने के लिये सर्वोत्तम है। पर्स को दांयी जेब के बजाय यदि बायीं जेब में रखा जाये तो अच्छा माना जाता है। कभी-कभी ऐसा देखा जाता है कि लोग पर्स में अपने नोटों को तोड़-मरोड़ कर रख देते हैं। लेकिन इस तरह पर्स में नोट को मोड-माड़ कर रखना लक्ष्मी का अपमान करना है।

इससे लक्ष्मी जी अपमानित होंगी और आपके पास अधिक समय तक नहीं रुकेंगी। साथ ही फिजूलखर्ची को भी बढ़ावा मिलेगा। आपके पास मोड़ कर रखा हुआ धन शीघ्र खर्च हो जायेगा। इसलिए नोट को पर्स में सीधा रखें। पर्स ऐसा खरीदें जिसमें नोट और सिक्कों को अलग-अलग रखने की ठीक-ठाक व्यवस्था हो। पर्स के जिस हिस्से में सिक्के रखें जायें उसमें बटन अवश्य लगा हो। ताकि पर्स खोलने पर उस समय पैसे निकल कर नीचे न गिरें। क्योंकि सिक्कों का पर्स से गिरना अपशकुन माना जाता है।

नोट देते या लेते समय कभी भी थूक से न गिनें। क्योंकि अस्वछ्ता से धन रूपी लक्ष्मी को घृणा है। कभी-कभी ऐसा देखा जाता है कि आप पर्स को एक साधारण रखने की वस्तु समझ कर उसमें रुपये-पैसों के अतिरिक्त न जाने क्या-क्या भरने लगते हैं। लेकिन ऐसा करने से आप पर्स में वास्तु दोषों को बढ़ावा देते हैं। पर्स में नोटों के अतिरिक्त आप लक्ष्मी यंत्र रख सकते हैं, जो लक्ष्मी अर्थात धन को अपनी ओर आमंत्रित करता है।

लेकिन पर्स में किसी देवी या देवता का फोटो रखना अच्छा नहीं माना जाता है। हाँ, यदि जेब में कोई कागज रखना ही है हो तो उसे नोटों के बीच कभी न रखें। उसे पर्स की किसी अन्य हिस्से में रख सकते हैं। बहुत से लोग पर्स में पुराने बिल, पुरानी तस्वीरें, चाबी के गुच्छे आदि रख लेते हैं लेकिन ऐसा करने से भी अपव्यय को बढ़ावा मिलता है।

आपको पर्स को लेकर कभी वाश रूम में जाना हो तो पर्स को पैंट की जेब से निकालकर उसे ऊपर शर्ट या जैकेट की जेब में डाल लेना चाहिये। कभी भी पर्स को गंदे हाथों से न छुयें। क्यों कि गंदगी से लक्ष्मी जी को सख्त नफरत है।

घर में पर्स रखते समय विशेष ध्यान रखें, उसे जहाँ-तहाँ रखने की बजाय उसका एक निश्चित स्थान बनायें। घर में यदि उस पर्स को कुछ समय के लिये पूजा-स्थल के आस-पास रखा जाये तो उस पर्स पर दैवीय कृपा हो जाती है। पर्स को कभी अपने सिरहाने रख कर न सोंयें क्यों कि यह लक्ष्मी का स्थान नहीं हैं।

पर्स को कभी भी गंदी जेबों में न रखें, क्योंकि जहाँ स्वच्छता है वहीं लक्ष्मी का वास है। पर्स में कभी भी ऐसा कोई पत्र यह कागज या न तस्वीर रखें जिसे पढ़ते ही आप दुख से भर जाते हैं। जहाँ तक संभव हो अपना पर्स दूसरों को न दें। इससे आप अपने भाग्य की लक्ष्मी दूसरे को हस्तांतरित करने लगते हैं। इसके साथ ही कभी भी आप अपने पर्स में रखे धन की गिनती दूसरों को न बतायें।

आपके पर्स में धन कम हो या अधिक, इसे गोपनीय रखना चाहिये। अपने पर्स के धन की गिनती की चर्चा दूसरों से करने से लक्ष्मी रूठ जाती है। एक नितांत महत्वपूर्ण बात यह की कि कभी अपने पर्स को खाली नहीं रखना चाहिए। उसमें कुछ नोट या सिक्के अवश्य होने चाहिए। दीपावली को लक्ष्मी पूजन के समय पूजा की थाल में नोटों सें भरा अपना पर्स अवश्य रखें और माँ लक्ष्मी से यह प्रार्थना करें कि वर्ष भर आपका पर्स इसी तरह भरा रहे।