कृपया हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें यहाँ

सन्तों के द्वारा बताया गया तरीका, हर भूत बाधा का निश्चित नाश करने के लिए


कष्ट कोई भी हो, उसके उपाय भी कई तरह के होते हैं !

भूत बाधा से परेशान व्यक्ति का इलाज इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूत बाधा से परेशान व्यक्ति का पाला किसी स्तर की नकारात्मक शक्ति से पड़ा है !

अगर नकारात्मक शक्ति, बेहद ताकतवर है तो उसे दूर करने का प्रयास भी ताकतवर करना होता है और अगर नकारात्मक शक्ति, कमजोर है तो केवल मामूली दवाओं के खिलाने से भी आराम मिल जाता है !

जो व्यक्ति नियमित रूप से अपने माता पिता की सेवा करते हैं, दूसरों को सताते नहीं हैं, मानसिक रूप से मजबूत होते हैं और ईश्वर की अखण्ड शक्ति में विश्वास करते हैं, उन्हें जल्दी कोई भूत बाधा परेशान नहीं कर पाती !

लेकिन जो व्यक्ति मांस, मछली, अंडा आदि खाते हैं, या शराब पीते हैं या कोई ऐसा बाजार में बिकने वाला सामान खाते या इस्तेमाल करते हैं जिसमे जैविक पदार्थों की मिलावट के आसार होते हैं (जैसे – सादा पान मसाला, कत्था, चाकलेट, टॉफी, पिज्जा, बर्गर, नूडल्स, चिप्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स, लिपस्टिक, डीयो, परफ्यूम आदि), वे लोग जब कभी भी इन अदृश्य नकारात्मक शक्तियों के सम्पर्क में आते हैं तो नकारात्मक शक्तियों के उनके शरीर में प्रवेश करने की सम्भावना, सात्विक और शाकाहारी लोगों की तुलना में ज्यादा होती है क्योंकि इन भूत प्रेत जैसी नकारात्मक शक्तियों को तामसिक खाना और तामसिक व्यवहार आकर्षित करता है ! ये भूत प्रेत, विशुद्ध तामसिक प्राणी होते हैं !

इसके अलावा कभी कभी ऐसा भी देखने को मिलता है कि अशरीरी तत्वों का किसी भौतिक चीज (जैसे- घर, फर्नीचर, पेड़, सुनसान जगह, उनकी कब्र आदि) से बहुत लगाव होता है और उन भौतिक चीजों के सम्पर्क में गलत तरीके से (जैसे- अतिक्रमण करने से, मल मूत्र त्यागने से या अपमान करने से ) आने पर कोई दुर्बल मानसिकता वाला व्यक्ति, स्त्री या छोटा बच्चा आदि, भूत बाधा का शिकार हो सकता है (इसीलिए बड़े बुजुर्ग सलाह देते हैं कि कभी किसी अनजान, सुनसान जगह पर मल मूत्र का त्याग करने की मजबूरी आ पड़े तो मल मूत्र त्यागने से पहले भगवान के किसी भी नाम का 4 -5 बार मन ही मन जप कर लेना चाहिए, जिससे सुरक्षा मिलती है) !

कुछ ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि जब किसी व्यक्ति की जन्म कुण्डली के हिसाब से ‘केतु’ ग्रह से सम्बंधित विशेष योगों की शुरुवात होती हैं तो वह व्यक्ति भूतों के लिए आसान शिकार बन जाता है !

भूत बाधा हो जाने पर, यह जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति एब्नार्मल हरकतें करने लगे क्योंकि कई बार ऐसा भी होता है कि शरीर में कठिन या सामान्य रोग लग जाते हैं जो जल्दी ठीक नहीं होते हैं !

भूत बाधा शिकार व्यक्तिओं को कभी कभी, सोते हुए या जागते हुए भी किसी आदमी या औरत का साया अचानक से दिख सकता है और ये साया भयानक भी हो सकता है !

hgyyt

जहाँ किसी उच्च स्तर के भगवान् के भक्त को अपने आस पास दिव्य देहधारी और अति तेजस्वी देवता, सिद्ध, ऋषि, मुनि आदि दिखाई देते हैं, वही भूत बाधा के शिकार साधारण संसारी को डरावने साए दिखते हैं !

भूत बाधा से शिकार व्यक्ति को जल्दी ठीक करने के लिए, कड़ी कड़ी एलोपैथिक दवाएं खिलाने से मरीज की हालत और ख़राब हो सकती है !

यहाँ पर समझने वाली बात है कि हर तरह के भूत प्रेत, मानवों से निकृष्ट कोटि के प्राणी है क्योंकि मानवों का शरीर पांच तत्वों का बना है जबकि इन नकारात्मक शक्तियों का शरीर 5 से कम तत्वों का बना हुआ है इसलिए हम मानवों को, इनमे से किसी भी अशरीरी तत्वों से डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है !

हम मानव इन सभी नकारात्मक शक्तियों से हर हाल में श्रेष्ठ हैं, जब ऐसा दृढ़ विश्वास किसी व्यक्ति के अन्दर होता है तो ये नकारात्मक शक्तियां उस व्यक्ति के शरीर पर कब्ज़ा नहीं कर पाती हैं !

लेकिन इतना उच्च स्तर का साहस सभी साधारण संसारी लोगों में नहीं होता ! सामान्य लोग अगर भूत बाधा से परेशान हो जाते हैं तो डर के मारे उनकी और उनके परिवार की घिग्घी बंध जाती है !

इसलिए यहाँ पर संतो द्वारा प्रदत्त ज्ञान जो बड़ी से बड़ी शक्तिशाली भूत बाधा को नष्ट करने में निश्चित सक्षम है, दिया जा रहा है !

हर तरह की नकारात्मक शक्तियां, तम प्रवृत्ति की होती हैं और इस तम प्रवृत्ति के घोर विरोधी हैं, भगवान् हनुमान जी !

jhgf

हनुमान जी की, ‘हनुमान चालीसा’ या ‘बजरंग बाण’ पढने से निश्चित सभी तरह की भूत बाधाएं भाग खड़ी होती हैं !

हर तरह की नकारात्मक शक्तियों (भूत, प्रेत, पिशाच, निशाचर, जिन्न, वैताल, ब्रह्मराक्षस आदि सभी) को अपने पास से और अपने घर से भगाने के लिए, इस कलियुग में बजरंग बाण का पाठ करना अमोघ फलदायी है !

शक्ति के महासागर भगवान हनुमान जी की कृपा से चाहे कितनी भी खतरनाक नकारात्मक शक्ति हो, बेचैन होकर भाग खड़ी होती है !

हनुमान जी को महावीर कहा गया है, मतलब ना तो इनसे ज्यादा ताकतवर और ना ही इनके बराबर की ताकत किसी भी दानव या देवता में है ! यही महा बल दर्शाता है कि श्री हनुमान जी, परम ब्रह्म अर्थात परम सत्ता के ही साक्षात् प्रतिरूप हैं !

अगर मरीज की हालत ज्यादा सीरियस हो तो रोज कम से कम 15 बार पाठ करना चाहिए और हालात सामान्य हो तो 11 बार पाठ करने से भी लाभ मिलने लगता है !

भूत बाधा से उत्पन्न बीमारी में जल्दी लाभ पाने के लिए, बजरंग बाण के साथ साथ आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक व योग प्राणायाम भी चलता रहे तो अच्छा रहता है !

भारत में अन्धविश्वास भी काफी मात्रा में फैला हुआ है खासकर गरीब तबके में ! बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो अपनी हर समस्या के पीछे सिर्फ भूतों को ही दोषी मानने लगते हैं और फिर अपनी हर समस्या के इलाज के लिए ढोंगी तान्त्रिकों के पास जाकर पैसे भी गंवाते हैं ! जो की बहुत गलत बात है ! भूत बाधा जैसी समस्याएं विरले लोगों को होती है लेकिन इसके नाम पर धन्धा चलाने वाले हर गली गली मौजूद हो गएँ हैं ! 

“स्वयं बने गोपाल” समूह ने कई सामाजिक कल्याणार्थ अभियानों के तहत, यह अभियान भी चलाया है कि हिन्दू धर्म जैसे अतिआदरणीय व महापवित्र धर्म में समय के साथ फैली कुरीतियों को भी जन जागरण से दूर किया जाय !

लेकिन हम बात करें आज के मॉडर्न मेडिकल साइंस की तो, मनोरोग से ग्रसित व्यक्ति को न्यूरो फिजिशियन, न्यूरो डिसआर्डर से सम्बंधित कोई ना कोई बीमारी बताकर अपना इलाज शुरू कर ही देते हैं जिसे देखकर कई लोगों को लगता है कि आज का न्यूरो साइंस भी काफी विकसित हो चुका है, पर सच्चाई यह है कि आयुर्वेद ग्रन्थ की तुलना में आधुनिक न्यूरो साइंस की तरक्की बेहद बचकानी है क्योंकि मानव मस्तिष्क जैसे अथाह समन्दर के रहस्यों को सिर्फ आधुनिक अल्प सामर्थ्य वाले सेंसर्स से खोज पाना असम्भव है विशेषकर चक्रों और नाड़ियों के बारे में !

आज से करोड़ो वर्ष पूर्व ही दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिकों अर्थात हमारे ऋषियों ने खोज लिया था, कि मानव मस्तिष्क में नीचे की तरफ एक अथाह गहरा ज्ञान का महासमुद्र है जिसमें चीजों को समाहित करने की क्षमता, इस पृथ्वी के किसी भी महासागर की तुलना में बहुत ही ज्यादा है ! ऐसी बातों की तो आज के मॉडर्न साइंस के वैज्ञानिकों और डॉक्टर्स को हवा तक नहीं है !

मानव मस्तिष्क के अगाध पहलुओं को समझने के लिए जिस ईश्वरीय कृपा की आवश्यकता होती है उसे सिर्फ हमारे आयुर्वेद के ग्रन्थों को लिखने वाले बेहद मेहनती ऋषियों ने अपने प्रचण्ड तप से प्राप्त की थी !

आयुर्वेद ग्रन्थ में भूत बाधा के इलाज के विभिन्न तरीके बताये गए हैं जिसमे शुद्ध तुलसीजी की माला पहनने, तुलसी पत्ती को खाने और तुलसी जल को शरीर पर मलने से भी काफी लाभ बताया गया है ! बाजार में बिकने वाली कई तुलसी माला नकली है इसलिए कही से तुलसीजी के पेड़ की छोटी सी लकड़ी लाकर गले में पहनने से बहुत लाभ होता है और जब तक सूरज उगा रहें (मतलब दिन में) तब तक 3 – 4 बार तुलसीजी की पत्ती खाने से हर तरह की भूत बाधा शरीर छोड़ कर भागने लगती है !

तुलसीजी भगवान विष्णु की पत्नी हैं और इनका नियमित सेवन करने वाले के शरीर को, नरक ले जाने वाले अति भयंकर यमदूत भी नहीं छू सकते तो भूत प्रेत की क्या औकात है ! तुलसी पत्ती का नियमित सेवन करने वाले का मन धीरे धीरे साफ़ होने लगता है और उसमे घटिया विचार पैदा होना बंद होने लगता है !

आयुर्वेद में भूत बाधा के निवारण के लिए औषधियों के साथ कई मन्त्रों का भी विधान है और इस कलियुग में हर तरह की भूत बाधा के सर्वनाश के लिए, बजरंग बाण निश्चित अचूक उपाय है !

बजरंग बाण (जिसे ‘हनुमान बाण’ भी कहते हैं) पढने से सभी तरह की उपरी बाधाएं उसी तरह भाग खड़ी होती हैं जैसे उजाला होने से अँधेरा !

अब यहाँ पर एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है कि आखिर ये कन्फर्म कैसे हो कि किसी को भूत बाधा हुई है कि, कोई दूसरी बीमारी !

तो यहाँ ज्ञानियों द्वारा प्रदत्त कुछ ऐसे लक्षण बताये जा रहें हैं जिससे ये निश्चित किया जा सके कि किसी को भूत बाधा हुई है कि नहीं –

– अगर किसी को भूत बाधा हुई होगी तो उसे सोते समय, सपने में निश्चित कोई ना कोई ऐसा असामान्य दृश्य, कोई साया या कोई ऐसी घटना अक्सर दिखाई देगी जो उसे समझ में नहीं आएगी !

– भूत बाधा के शिकार आदमी के शरीर के सारे अंग सही से काम करने के बाद भी वो कमजोर होता जाता है, जिसका कारण डॉक्टर्स भी नहीं समझ पाते (क्योंकि उस मरीज की अदृश्य चेतन शक्ति का ह्रास होता जाता है) !

– भूत बाधा के शिकार आदमी की असामान्य हरकतें कभी भी शुरू हो सकती हैं मतलब इन असामान्य हरकतों के बीच में कोई निश्चित समय अन्तराल नहीं होता है जबकि न्यूरो प्रॉब्लम के शिकार व्यक्ति की असामान्य हरकतों के बीच में निश्चित समय अन्तराल होता है ! अगर व्यक्ति, भूत बाधा के पूरी तरह कब्जे में आ चुका है तो वो 24 घंटे असामान्य हरकत कर सकता है !

इसके अलावा कुछ उप लक्षण भी हैं जैसे भूत बाधा के शिकार व्यक्ति के शरीर से अचानक सड़े हुए मांस की महक आना, या किसी जंगली जानवर के गुर्राने की आवाज आना आदि !

अतः अगर कन्फर्म हो जाय कि भूत बाधा ही है, तो नियमित बजरंग बाण के पाठ के साथ तुलसी जी की लकड़ी पहनने के साथ तुलसी पत्ती का सेवन कराना चाहिए, जिससे भूत बाधा का बहुत जल्द नाश हो जाता है ! एक दिन में 10 – 15 तुलसी पत्ती से ज्यादा नहीं खाना चाहिए !

कभी कभी ऐसा भी होता है कि किसी व्यक्ति के अन्दर काफी पहले से कोई बीमारी (जैसे – कैंसर, एड्स आदि) गुपचुप तरीके से पल रही होती है जिसके बारे में उस व्यक्ति को पता नहीं होता है, और इसी बीच संयोगवश वो व्यक्ति किसी भूत बाधा का भी शिकार हो जाता है, और भूत बाधा के दौरान उस व्यक्ति की उस पुरानी और अब तक छुपी बीमारी के लक्षण भी उभर जाते हैं तो उस व्यक्ति को गलतफहमी हो जाती है कि उसकी यह नयी पैदा हुई बीमारी भी भूत बाधा की वजह से है !

और ऐसे में अगर वो अपनी भूत बाधा को दूर करने के लिए बजरंग बाण पढ़े तो उसे उसकी भूत बाधा में बहुत जल्द लाभ मिल जाएगा लेकिन उसकी पुरानी कठिन बीमारी इतनी आसानी से ठीक नहीं होगी ! ऐसा नहीं हैं कि बजरंग बाण पढ़ने से कैंसर, एड्स जैसी बड़ी बिमारियों में लाभ नहीं मिलता, लाभ मिलता है लेकिन धीरे धीरे, और ये लाभ काफी कुछ इस बात पर भी निर्भर करता है कि व्यक्ति बजरंग बाण कितने मनोयोग से और कितनी ज्यादा बार पढ़ रहा हैं !

बजरंग बाण पढ़ने का तरीका –

बजरंग बाण को परेशान/बीमार आदमी खुद पढ़े तो जल्दी फायदा मिलता है पर अगर परेशान/बीमार आदमी खुद पढ़ने में सक्षम ना हो तो उसकी जगह उसका कोई भी पारिवारिक या परिचित आदमी/औरत जो शुद्धता और सही उच्चारण से पढ़ने में सक्षम हो, पढ़ सकता है !

बजरंग बाण पढ़ना बहुत ही आसान है ! एक बार पूरा बजरंग बाण बिना जल्दीबाजी किये हुए, प्रेम से पढ़ने में 7 से 10 मिनट तक लगते हैं ! कोई भी पूजा विशेष फायदा तभी करती है जब उसे बिना हड़बड़ी मचाए हुए, आराम से और प्रेम से किया जाता है !

अगर कोई आदमी, अपने किसी परिचित परेशान आदमी के लिए पढ़ रहा हो तो उसे बस शुरू में श्री हनुमान जी से यही प्रार्थना करनी होती है कि भगवान् मै उस आदमी (जो परेशान हो) की तकलीफ से बहुत दुखी और परेशान हूँ इसलिए कृपया उस आदमी को जल्द से जल्द स्वस्थ और निरोगी बनाइये !

बजरंग बाण पढ़ते समय, पढने वाले की रीढ़ की हड्डी सीधी रहे तो बेहतर होता है (सीधे लेटकर भी पढ़ा जा सकता है), और पाठ जितना ज्यादा मात्रा में होगा उतना जल्दी फायदा मिलेगा पर ज्यादा पढ़ने के चक्कर में गलत नहीं पढ़ना चाहिए !

अगर कोई बहुत बीमार, बूढ़ा या घायल हो तो उसके ऊपर कोई नियम – परहेज आदि लागू नहीं होता और वो कभी भी पढ़ सकता है ! लेकिन कोई अपेक्षाकृत ठीक शारीरिक अवस्था में हो तो उसके द्वारा बजरंग बाण को पढ़ते समय उसके शरीर पर चमड़े का कोई सामान (जैसे – बेल्ट आदि) नहीं होना चाहिए और लैट्रिन, पेशाब, खाना खाते व स्त्री प्रसंग समय भी नहीं पढ़ना चाहिए, बाकि हर समय पढ़ सकते हैं !

पाठ के अन्त में भगवान् हनुमान जी से माफ़ी मांगना चाहिए की मुझसे जानबूझकर और अनजाने में जो कुछ भी गलतियाँ हो गयी हैं कृपया उन सब के लिए मुझे माफ़ करिए !

ध्यान रहे की श्री हनुमान जी परम सत्व गुण के देवता हैं इसलिए पाठ करने वाले आदमी को खुद, तामसिक भोजन मतलब मांस, मछली, अंडा, शराब, बियर आदि का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए और ना ही ऐसे मार्केट में मिलने वाले सामान जिसमें ये सब मिले होने की सम्भावना हो (जैसे – पिज्जा, बर्गर, चाकलेट, नूडल्स, कॉस्मेटिक, लिपस्टिक, डीयो आदि) का सेवन या इस्तेमाल करना चाहिए !

पाठ शुरू करने से पहले और अन्त में एक बार श्री राम सीता जी को नमस्कार करना नही भूलना चाहिए !

[ नोट – कुछ लोगों को संदेह होता है की स्त्रियाँ, हनुमान जी की पूजा कर सकती हैं की नहीं ? तो इसका उत्तर है की स्त्रियाँ बिल्कुल, बेधड़क हनुमान जी का मन्त्र, बजरंग बाण, हनुमान चालीसा आदि का पाठ कर सकती हैं ! हनुमान जी, शिव जी के ही अवतार है और भगवान् के लिए स्त्री और पुरुष समान रूप से स्वीकार्य हैं ! शरीर की हर प्रक्रिया भगवान् के द्वारा ही बनायीं गयी है इसलिए केवल शरीर की सरंचना के आधार पर कोई योग्य और अयोग्य नहीं हो सकता है ! हनुमान जी की आराधना में केवल एक मात्र परहेज है तामसिक आहार को खानापीना, बाकि स्त्री हो या बालक, हनुमान जी की हर पूजा को बेहिचक कर सकता है ]





Aliens Planet

एलियन, एवं उनके दिव्य सूक्ष्म संसार का रहस्य

एलियन, उनके सूक्ष्म संसार एवं पृथ्वी की दुनिया में उनका हस्तक्षेप आदि कुछ ऐसे विषय है जिनमे आज के ब्रह्माण्ड वैज्ञानिकों की सर्वाधिक रूचि है […]

एलियंस श्वेत द्वीप रहस्यमय

एलियंस की पहेली

स्वर्ग और नर्क समेत अन्यान्य लोकों की अवधारणा दुनिया के कई धर्मों में हैं | इसी अवधारणा ने आज के समय में, परग्रही एलियंस एवं […]

aliens-RAHASYAMAYA

क्या अमेरिकी वैज्ञानिक पूरा सच बोल रहें हैं बरमूडा ट्राएंगल के बारे में

लम्बे समय से ब्रह्मांड सम्बंधित सभी पहलुओं पर रिसर्च करने वाले, कुछ शोधकर्ताओं के निजी विचार- अमेरिकी वैज्ञानिकों की यह थ्योरी जिसे आजकल मीडिया द्वारा […]

aliens-RAHASYAMAYA

Are American Scientists telling the complete truth about Bermuda Triangle ?

(This article is English version of published article titled – ” क्या अमेरिकी वैज्ञानिक पूरा सच बोल रहें हैं बरमूडा ट्राएंगल के बारे में”)- Personal […]

Real Aliens-Rahasyamaya

How aliens move and how they disappear all of sudden

Continued from The Part – 1)……Part 2 – To begin with, we need to know that ghosts are not Aliens. Ghosts are lower level species […]

roman-empire-Rahasyamaya

रोमन साम्राज्य के रहस्यमय राशिचक्रीय यंत्र

किसी समय रोमन साम्राज्य दुनिया के सबसे शक्तिशाली राज्यों में से एक हुआ करता था | दुनिया के उन सभी क्षेत्रों में, जो कभी रोमन […]

Gray Alien-Rahasyamaya

कुछ वास्तविकता ऐन्शिएंट एलियन्स थ्योरी की

दुनिया भर में और भारत में लाखो लोग ये मानते हैं कि अतीत में और अब भी दूसरे ग्रहों एवं लोकों से प्राणी हमारे ग्रह […]

Real Aliens-Rahasyamaya

एलियन्स कैसे घूमते और अचानक गायब हो जाते हैं

(भाग -1 से आगे)………..भाग -2 – सबसे पहली बात की भूत प्रेत एलियन नहीं होते हैं ! भूत प्रेत, मानवों से निचले स्तर की प्रजातियाँ […]

Hitler's Alien Relationship-Rahasyamaya

तो क्या हिटलर के रहस्यमय एलियंस से सम्बन्ध थे

प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति पर जर्मनी को मित्र राष्ट्रों के साथ बहुत ही अपमानजनक संधियों पर हस्ताक्षर करने पड़े थे | दस्तावेज़ बताते हैं […]

Alien UFO-Rahasyamaya

जानिये कौन हैं एलियन और क्या हैं उनकी विशेषताएं

(भाग- 1) – ब्रह्माण्ड के आकार को लेकर बड़ा मतभेद बना हुआ है ! अलग अलग वैज्ञानिक अलग अलग तर्क पिछले कई साल से देते […]