नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियाँ


Nostradamusदुनिया भर के लोगों की भविष्यवाणियाँ एक तरफ़ और नास्त्रेदमस (Nostradamus) की भविष्यवाणियाँ दूसरी तरफ़, कहना मुश्किल है किस पर लोग ज्यादा यकीन करेंगे लेकिन इतना तो तय है कि भविष्यवाणियों की दुनिया में जितना प्रसिद्ध नाम नास्त्रेदमस का है उतना और किसी का नहीं | “प्रकृति को इतना क्रुद्ध पहले कभी नहीं देखा गया होगा जितना वह 20 वीं शताब्दी के वक्त में देखी जायेगी । जल के स्थान पर पृथ्वी, पृथ्वी के स्थान पर जल, प्रलय जैसी स्थिति के बाद के समय में थोड़े अच्छे लोग संसार को अच्छा बनायेंगे” । कुछ इसी तरह की भविष्यवाणियाँ करने वाले नास्त्रेदमस, फ़्रांस देश के एक प्रसिद्ध भविष्यवक्ता थे | उनका जीवन काल सोलहवीं सदी (1503-1566) में था |

दस्तावेज़ बताते हैं कि नास्त्रेदमस (Nostradamus)केवल एक भविष्यवक्ता ही नहीं बल्कि एक डॉक्टर और एक शिक्षक भी थे | वो प्लेग जैसी गंभीर बिमारियों का ईलाज करते थे | दरअसल 14 दिसंबर 1503 को फ़्रांस के एक छोटे से गाँव सेंट रेमी में जन्मे नास्त्रेदमस ने किशोरावस्था से ही भविष्यवाणियाँ करनी शुरू कर दी थी लेकिन ज्योतिष और खगोल विद्या में उनकी बढ़ती हुई रूचि ने उनके माता-पिता को चिंतित कर दिया था | इसका कारण तत्कालीन समाज के कट्टरपन्थी इसाई लोग थे जो इस विद्या को अच्छी नज़र से नहीं देखते थे | ज्योतिष विद्या से उनका ध्यान हटाने के लिए उनके माता-पिता ने उन्हें चिकित्सा शास्त्र पढने मोंट पेलियर भेज दिया | वहां से वो पढ़ाई पूरी करके एक उम्दा चिकित्सक बनकर निकले |

एक घटना फ्राँस के मिलन नगर की है (सन् 1515 में) जब एक रास्ते से कई पादरी गुजर रहे थे । बारह वर्ष का एक लड़का उन लोगों के पास आया | दूसरे लोग तो उन पादरियों में जो सबसे बड़ा था और आगे चल रहा था, उस को झुककर प्रणाम करते थे किन्तु यह छोटा सा लड़का उन पादरियों की मंडली के बीच में घुस गया और उनमें से एक तरुण संन्यासी के पैरों में गिर कर प्रणाम किया ।

473px-Nostradamus_Portrait_1666वहां उपस्थित लोगों समेत पादरियों को भी आश्चर्य हुआ कि बच्चे ने एक साधारण पादरी को शीश झुकाया जबकि अन्य पादरी उससे बड़े थे उन्हें प्रणाम क्यों नहीं किया । एक व्यक्ति ने प्रश्न किया-बेटा ! इन महात्मा जी (पादरी) में क्या विशेषता देखी जो बाकी सबको छोड़कर इन्ही को प्रणाम किया । बच्चे ने बहुत सरल लेकिन दृढ़ स्वर में उत्तर दिया-”आप लोग नहीं जानते ये हमारे होने वाले “पोप” महोदय हैं” |

लोग हँस पड़े । उनका हँसना ठीक भी था क्योकि उस युवा सन्यासी में उस स्तर की शिष्टता का एक भी लक्षण ऐसा नहीं था जिसके आधार पर सम्भावना की जाती कि वही महाशय आने वाले पोप होंगे । किन्तु बाद में जब फेली पेरेत्ती नामक वही युवा सन्यासी पोप चुना गया तो लोग आश्चर्यचकित रह गये और कहने लगे उस बच्चे ने इस अनिवार्य सम्भावना को कैसे जान लिया था ? ।

बारह वर्षीय यह बालक कोई सामान्य बालक नहीं था बल्कि अपने रूप में फ्राँस के सुप्रसिद्ध ज्योतिषी एवं भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस थे (Nostradamus) जिन्होंने 16 वीं शताब्दी में 20 वीं शताब्दी तक की- लगभग 1000 भविष्य वाणियाँ की थी | उनकी भविष्यवाणियाँ पिछले पाँच सौ वर्षों से सारे विश्व को प्रभावित करती रही हैं लेकिन अब जबकि पिछली शताब्दी में दुनिया ने एक से बढ़कर एक प्रलयंकारी घटनाएं एवम त्रासदियाँ (जिसमे बंगाल का अकाल एवं अमेरिका द्वारा जापान पर किया गया परमाणु बम विस्फोट भी शामिल है) देखी हैं, उनकी भविष्य वाणियों का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है |

house of nostradamus in salon, france

house of Nostradamus in salon, France

बहुत कम लोग जानते हैं कि नास्त्रेदमस (Nostradamus) में भूत और भविष्य को देखने की अतीन्द्रिय क्षमता बाल्यावस्था से ही संस्कार रूप में थी उन्होंने ईश्वर आराधना द्वारा आत्मिक चेतना को निर्मल बनाकर विविध साधनाओं और स्वाध्याय द्वारा अपनी इस क्षमता का और भी अधिक विकास किया । उन्होंने ज्योतिर्विज्ञान पढ़ा, दर्शन पढ़ा और संसार की परिस्थितियों का ज्ञान प्राप्त किया इस तरह उनकी प्रतिभा और भी चमकती चली गई । वे उस युग के मूर्धन्य ज्योतिषी और अतीन्द्रिय दृष्टा माने जाने लगे ।

अक्टूबर 1529 को, मोंट पेलियर से ही चिकित्सक की उपाधि लेने के बाद नास्त्रेदमस उसी यूनिवर्सिटी में शिक्षक बन गए | सन 1531 में उन्हें एगेन (Agen) आने का निमन्त्रण मिला, वहां उन्होंने हेनिरिती नाम की महिला से विवाह किया | हेनिरिती ने दो बच्चों को जन्म दिया लेकिन क्रूर काल के पंजे से उनका परिवार बच न पाया | कुछ समय बाद, सन 1534 में वहां प्लेग (Plague) की महामारी फ़ैली और उसने उनकी पत्नी और दोनों बच्चों को उनसे छीन लिया | पत्नी और बच्चों की मौत से टूट चुके नास्त्रेदमस फिर इटली चले गए लेकिन दस साल बाद वो फिर वापस लौटे और यहाँ उन्होंने तत्कालीन प्रसिद्ध चिकित्सक लुइस सर्रे की, प्लेग से लड़ने में सहायता की जिसने उस समय फिर कहर मचाया था | बाद में वो सलोन डी प्रोवेंस में ही बस गए |

यहाँ पर, सन 1547 में, उन्होंने ऐनी नाम की एक धनी विधवा महिला से दूसरा विवाह कर लिया जिससे तीन बेटे और तीन बेटियां हुईं | इस दौरान उन्होंने एक भविष्यवक्ता के रूप में खासा नाम कमाया | उन्होंने भविष्य वाणी की थी कि 20 वीं शताब्दी में जर्मनी में एक ऐसे तानाशाह का प्रादुर्भाव होगा जो सारे युरोप में प्रलयंकारी ताण्डव का दृश्य उपस्थित कर देगा । इसका नाम “हिस्टर” होगा और सचमुच ही कुल एक अक्षर के अन्तर से “हिटलर” के रूप एक अभूतपूर्व तानाशाह का उदय जर्मनी में हुआ । इसी प्रकार उन्होंने दूसरी भविष्य वाणी की थी कोर्सिका (फ्राँस) में जन्म लेने वाले एक वीर सिपाही के बारे में, जिसके बारे में उन्होंने कहा था-यह व्यक्ति एक अद्वितीय इतिहासकार होगा । उन्होंने कहा था कि सिपाही से उन्नति करते हुए वह 25 वर्ष की आयु में ही सम्राट बन जायेगा ।

Catherine-de-mediciइसकी वीरता के आगे अंग्रेज भी काँप जायेंगे पर एक दिन वह गिरफ्तार हो जायेगा और उसका पतन हो जायेगा । इसका नाम उन्होंने “नैपोलियन” ही बताया था और सचमुच दुनिया ने नैपोलियन बोनापार्ट के रूप में एक ऐसे ही अति-महत्वाकान्छी सम्राट को देखा | सब कुछ वैसा ही हुआ जैसा कि नास्त्रेदमस ने भविष्य वाणी की थी । उनकी भविष्य वाणियों का विस्तृत उल्लेख “माइकेल डी नौस्ट्राडम की शताब्दियाँ और सच्ची भविष्य वाणियाँ” (सेन्चुरीज़ एण्ड ट्रू प्रोफेसीज ऑफ़ दि माइकेल डी. नौस्ट्राडम) पुस्तक में मिलती हैं। “दि न्यूज रिव्यू” नाम की पत्रिका समय समय पर इन भविष्य वाणियों को छापती और उनकी सत्यता का प्रतिपादन करती रहती है ।

एक समय नास्त्रेदमस और उनकी भविष्यवाणियों की प्रसिद्धि सुनकर फ़्रांस की महारानी कैथरीन ने उनसे अपने बच्चों का भविष्य जानने की इच्छा जाहिर की | नास्त्रेदमस (Nostradamus) अपनी अतीन्द्रिय क्षमता से यह जान चुके थे कि महारानी के दोनों बच्चे अल्पायु हैं और कम उम्र में ही दुनिया छोड़ देंगे, लेकिन सब कुछ सच बता देने की उनकी हिम्मत नहीं हुई | उन्होंने अपनी बात को प्रतीकात्मक छंदों के रूप में बताया इससे वो अपनी बात भी कह गए और महारानी उनसे क्रुद्ध भी नहीं हुई | कहते हैं की तभी से उन्होंने यह निश्चय किया कि अब से वह अपनी भविष्यवाणियों को इसी तरह प्रतीकात्मक छंदों में लिखेंगे |

अपनी भविष्यवाणियों में 20 वीं शताब्दी का सर्वाधिक उल्लेख करने वाले इस महान दृष्टा ने लिखा है-“20 वीं शताब्दी के अंत तक विज्ञान का विकास इतना अधिक हो जाएगा कि दुनिया में अधिकाँश लोग नास्तिक हो जायेंगे । सामाजिक आचार-विचार कुण्ठित होने लगेंगे । चरित्र नाम की वस्तु दुर्लभ हो जायेगी । फैशन की धूम मचेगी । घरों में लोग नाम मात्र को रहने वाले रह जायेंगे, अधिकाँश लोग इधर-उधर घूमने और गलियों में भोजन करने वाले हो जायेंगे इन परिस्थितियों में अपनी तरह का “एक” विश्व विख्यात व्यक्ति किसी महान धर्म निष्ठ पूर्वी देश में जन्म लेगा ।

The_Coronation_of_Napoleonयह व्यक्ति अकेला ही अपने छोटे-छोटे सहयोगियों के द्वारा सारे संसार में तहलका मचा देगा । यह ऐतिहासिक महापुरुष एक ऐसे महासंघर्ष को जन्म देगा कि घर-घर और शहर-शहर अन्तर्द्वन्द्व छिड़ जायेगा । इस अन्तर्क्रान्ति के प्रारम्भ होने का समय 20 वीं शताब्दी के अन्त और 21 वीं शताब्दी के प्रारम्भ का होगा । उसके बाद संसार में सर्वत्र मानवता का आधिपत्य स्थापित होना शुरू होगा । लोग आसुरी वृत्तियों का परित्याग करना शुरू कर देंगे और संसार स्वर्ग तुल्य सुखमय बन जायेगा ।” अपने सुखद भविष्य की आशा लिए हम सब यह उम्मीद कर सकते है कि नास्त्रेदमस की यह भविष्य वाणी भी सच होकर रहेगी, इसके प्रमाण स्वरुप उनके द्वारा की कुछ प्रमुख भविष्यवाणियाँ यहाँ दी जा रही हैं |

एकबार उन्होंने भविष्य वाणी की कि तीन महीने के बाद फ्राँस में भयंकर प्लेग फैलेगा जिसमें लाखों लोगों की मृत्यु हो सकती है । तीन महीने तक एक भी ऐसी घटना नहीं घटी । 91 वें दिन पहली बार पेरिस में प्लेग होने की छोटी सी सूचना मिली उसके बाद तो इस महामारी ने इतना जोर पकड़ा कि सारे फ्राँस में तहलका मच गया और इस तहलके के साथ ही नास्त्रेदमस (Nostradamus) की प्रसिद्धि सारे योरोप में फैल गई।

प्लेग समाप्त हो चला तब उनसे किसी ने पूछा कि अगली बड़ी घटना क्या होगी ? उन्होंने कहा-“सम्राट की मृत्यु” | लुई को सिंहासनारूढ़ हुये मुश्किल से 3 या 4 वर्ष हुये थे । उनका शारीरिक स्वास्थ्य भी अच्छा था लेकिन एक ही महीने के भीतर साधारण सी “मधुमेह” बीमारी के कारण उनकी आकस्मिक मृत्यु हो गई जबकि उस समय इस बात की कतई सम्भावना नहीं थी । इसके बाद उन्होंने फ्राँस की मेजीनाट लाइन के नष्ट होने की भविष्य वाणी की, जो सत्य हुई।

शक्तिशाली देश जर्मनी के दो भागों में विभक्त होने की भविष्य वाणी सत्य हुई । अमेरिका के एक के बाद एक कई राष्ट्रपति मारे गये इसकी चेतावनी नास्त्रेदमस बहुत पहले ही दे गये थे । बीसवीं शताब्दी के बारे में उनका कहना था कि “प्रकृति को इतना क्रुद्ध पहले कभी नहीं देखा गया होगा जितना वह 20 वीं शताब्दी के अन्त में देखी जायेगी । जल के स्थान पर पृथ्वी, और पृथ्वी के स्थान पर जल, प्रलय जैसी स्थिति बनकर सामने आवेगी । कहीं अतिवृष्टि कहीं अनावृष्टि, कई ज्वालामुखी, भूकंप  और स्थान-स्थान पर सैन्य विद्रोह एवं क्राँतियाँ होंगी ।

Michael Nostradamusतब संसार को बदलने वाली एक अद्भुत शक्ति सक्रिय होगी । वह न तो किसी देश की राज सत्ता होगी न कोई वाद या पंथ होगा वरन् एक ऐसा व्यक्ति होगा-जो अपनी भावनाओं की सौजन्यता द्वारा ही सारे संसार को एकता के सूत्र में बाँध देगा । उसके बाद दुनिया में अपनी तरह की एक अभूतपूर्व शांति स्थापित होगी” |

इतिहास के इस अद्वितीय महापुरुष के बारे में भी नास्त्रेदमस ने कुछ संकेत दिये हैं जैसे उसके मस्तक पर चन्द्रमा और पाँव में पद्म होगा । वेषभूषा बहुत ही सादी होगी । उसके दो विवाह होंगे और दो पुत्र होंगे, दो ही पुत्रियाँ होगी-और दो बार ही वह स्थान परिवर्तन करेगा दोनों बार अपने निवास से उत्तर दिशा की ओर ही करेगा |

सन् 1566 के जुलाई महीने में, सबसे अधिक भविष्य वाणियाँ करने वाला यह प्रसिद्ध भविष्य दृष्टा, एक दिन शाम को अपने कमरे में बैठे कुछ सोच रहा था । एकाएक कुछ सोचकर उसने घर के सभी लोगों को बुलाया और कहा- “देखो ! आज की रात मेरे जीवन की अन्तिम रात है मैं कल का सवेरा नहीं देख पाऊँगा पर तुम लोग मेरी मृत्यु पर दुख न करना । मैं भगवान् के काम में हाथ बँटाने के लिये जा रहा हूँ धरती पर मै फिर से आऊँगा, सम्भव है तब तुम लोगों में से कोई मेरा सहयोगी-सम्बन्धी न हो लेकिन भगवान् का घर तो सारा संसार है और मैं उनकी सहायता कर रहा होऊँगा इसलिये मेरी मृत्यु को सब लोग शुभ मानना” ।

कोई खाँसी नहीं कोई बुखार नहीं, इसलिए नास्त्रेदमस के इस कथन ने सबको विस्मित तो किया पर उनके परिवार वालों को उन पर विश्वास नहीं हुआ । नास्त्रेदमस प्रतिदिन की तरह ही सोये पर जो जीवन भर औरों के लिये भविष्य वाणियाँ करता रहा उसकी अपने प्रति की गई भविष्य वाणी गलत कैसे होती । उस रात सोने के बाद उनकी नींद सचमुच टूटी ही नहीं और भोर की प्रतीक्षा करते हुए उन्होंने चुपचाप इस संसार से विदा ले ली | नास्त्रेदमस (Nostradamus) जैसी महान आत्माएं विरले ही पैदा होती हैं लेकिन जब धरती पर आती हैं तो अपने कार्य से शताब्दियों तक लोगों का मार्गदर्शन करती रहती हैं |





aliens-RAHASYAMAYA

क्या अमेरिकी वैज्ञानिक पूरा सच बोल रहें हैं बरमूडा ट्राएंगल के बारे में

लम्बे समय से ब्रह्मांड सम्बंधित सभी पहलुओं पर रिसर्च करने वाले, कुछ शोधकर्ताओं के निजी विचार- अमेरिकी वैज्ञानिकों की यह थ्योरी जिसे आजकल मीडिया द्वारा […]

aliens-RAHASYAMAYA

Are American Scientists telling the complete truth about Bermuda Triangle ?

(This article is English version of published article titled – ” क्या अमेरिकी वैज्ञानिक पूरा सच बोल रहें हैं बरमूडा ट्राएंगल के बारे में”)- Personal […]

Real Aliens-Rahasyamaya

How aliens move and how they disappear all of sudden

Continued from The Part – 1)……Part 2 – To begin with, we need to know that ghosts are not Aliens. Ghosts are lower level species […]

roman-empire-Rahasyamaya

रोमन साम्राज्य के रहस्यमय राशिचक्रीय यंत्र

किसी समय रोमन साम्राज्य दुनिया के सबसे शक्तिशाली राज्यों में से एक हुआ करता था | दुनिया के उन सभी क्षेत्रों में, जो कभी रोमन […]

Gray Alien-Rahasyamaya

कुछ वास्तविकता ऐन्शिएंट एलियन्स थ्योरी की

दुनिया भर में और भारत में लाखो लोग ये मानते हैं कि अतीत में और अब भी दूसरे ग्रहों एवं लोकों से प्राणी हमारे ग्रह […]

Real Aliens-Rahasyamaya

एलियन्स कैसे घूमते और अचानक गायब हो जाते हैं

(भाग -1 से आगे)………..भाग -2 – सबसे पहली बात की भूत प्रेत एलियन नहीं होते हैं ! भूत प्रेत, मानवों से निचले स्तर की प्रजातियाँ […]

Hitler's Alien Relationship-Rahasyamaya

तो क्या हिटलर के रहस्यमय एलियंस से सम्बन्ध थे

प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति पर जर्मनी को मित्र राष्ट्रों के साथ बहुत ही अपमानजनक संधियों पर हस्ताक्षर करने पड़े थे | दस्तावेज़ बताते हैं […]

Alien UFO-Rahasyamaya

जानिये कौन हैं एलियन और क्या हैं उनकी विशेषताएं

(भाग- 1) – ब्रह्माण्ड के आकार को लेकर बड़ा मतभेद बना हुआ है ! अलग अलग वैज्ञानिक अलग अलग तर्क पिछले कई साल से देते […]

Alien UFO-Rahasyamaya

Who are real aliens and what their specialities are

(Part – 1) – There are still many schools of thoughts about the shape of universe. The number of scientists has been giving different opinions […]